घुग्घू सामान्य ज्ञान मैं किम्मे घणाए कमजोर था। एक दिन वो इंटरव्यू देण जावै था। राह मैं उसती रलदू मिल ग्या। वो बोल्या – घुग्घू किम्मे परेशान दिक्खै सै। घुग्घू बोल्या – हां भाई इंटरव्यू देण जाण लाग रह्या सूं ज्यांतै परेशान सूं। रलदू बोल्या – इसमैं परेशान होण की के बात सै। इंटरव्यू आला किम्मे बी पूच्छै तो चुप ना बैठिये किम्मे नै किम्मे जवाब जरूर दिए। इंटरव्यू मैं घुग्घू तै अफसर बोल्या – आपणे देश म्ह कपड़ा कड़ै बणै सै। घुग्घू सोच-साच के बोल्या – जी कारखान्यां म्ह

6 Responses to “हरियाणवी मखौल – कारखान्यां म्ह”


  1. घुग्घू ठीक बोलण लाग रह्या छे, इमे हँसी आवे तो दोष किणो?

  2. Shrish Says:

    ‘छे’ नी संजै भई, हरियाणवी म्ह ‘सै’ आवा सै। कुछ जगां ‘सै’ न ‘है’ बी बोले करां। ‘इमें’ की जगह ‘इस म्ह’ अर ‘किणो’ की जगां ‘किसका’ या ‘कूणसे का’ आंदा।


  3. संजय भाई की हरियाणवी भी गुजराती में है। पर कुछ भी हो, उनकी कोशिश काबिले तारीफ है।
    श्रीश भाई, लगे रहो। आपके हरियाणवी चुटकुले लाजवाब हैं। मैंने तो सारे पढ़ भी डाले और कुछ दोस्तों को भी भेज दिये।


  4. बहुत खूब :)

  5. ratna Says:

    चंगा है।


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