पत्नी (पति से) – अजी सुनते हो, हमारी पड़ोसन आज बाजार से चार साडि़यां लेकर आई।
पति (पत्नी से) – तो क्या हुआ, कल तुम बाजार से आठ साडि़यां लेकर आना।
पत्नी - सच।
पति - सबको दिखाकर परसों वापस कर देना। साड़ी की दुकान वाला मेरा मित्र है, एक दिन के लिए साडि़यां घर लाने पर एतराज नहीं करेगा।

7 Responses to “चुटकुला – आठ साड़ियां”

  1. ratna Says:

    गतांक से आगे—
    पत्नी चट से साड़ियां ले आई और झट से फाल लगा कर सब को दिखा आई। दूसरे दिन मित्र दुकानदार ने फाल लगी साड़िया वापिस लेने से जब मना कर दिया तो पतिदेव को मजबूरन उधार चुकता करना पड़ा।
    Moral of the story– पिंक से पंगा नहीं लेने का।


  2. यह तो नहले पर दहला हो गया.


  3. इसे कहते है । जोर का झटका धीरे से लगा चुटकूला अच्छा है।
    और जवाब और भी अच्छा है।


  4. वाह भाई जवाब नही जवाब का

  5. Shrish Says:

    नहले पर दहला तो होगा ही,रत्ना जी को जैसे को तैसा का अनुभव जो है।


  6. सही है..नहला भी और दहला भी!! :)


  7. :D :D :D ही ही ही क्या बात है :D :D


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