रलदू चोर नै चोरी करके बहोत रपिये कमा लिये थे। एक दिन घुग्घू थाणेदार नै उसका चोरी करण का बेरा लाग्या अर वो रलदू पै नजर राखण लाग्या। एक दिन रलदू साइकिल पै एक बोरी धरै जावै था। घुग्घू थाणेदार नै उसती रोक्या अर बोल्या – बोरी खोल। रल्दू बोल्या – जी बोरी खुलवा कै के करोगे इसमैं तो माटी सै। घुग्घू नै फेर भी बोरी खुलवाई तो उसमैं माटी ए लिकड़ी। आगले दिन बी इस तरियां होया, अर उसतै आगले दिन बी। घुग्घू थाणेदार रलदू तै बोल्या अक मैं तन्नै गारंटी द्यूं सूं के तूं चोरी करै सै। तूं नू बता दे अक तूं चोरी के करया करै सै तो मैं तन्नै किम्मे कोनी कहूं। रलदू बोल्या – जी मैं तो साइकिल चोरी करया करुं सूं

4 Responses to “हरियाणवी मखौल – चोरी के करया करै”


  1. हा हा हा हा….
    भई मान गए चोर को…

  2. ajay Says:

    hai na kamal ki chij

  3. ramselwal Says:

    रलदू चोर नै चोरी करके बहोत रपिये कमा लिये थे। एक दिन घुग्घू थाणेदार नै उसका चोरी करण का बेरा लाग्या अर वो रलदू पै नजर राखण लाग्या। एक दिन रलदू साइकिल पै एक बोरी धरै जावै था। घुग्घू थाणेदार नै उसती रोक्या अर बोल्या – बोरी खोल। रल्दू बोल्या – जी बोरी खुलवा कै के करोगे इसमैं तो माटी सै। घुग्घू नै फेर भी बोरी खुलवाई तो उसमैं माटी ए लिकड़ी। आगले दिन बी इस तरियां होया, अर उसतै आगले दिन बी। घुग्घू थाणेदार रलदू तै बोल्या अक मैं तन्नै गारंटी द्यूं सूं के तूं चोरी करै सै। तूं नू बता दे अक तूं चोरी के करया करै सै तो मैं तन्नै किम्मे कोनी कहूं। रलदू बोल्या – जी मैं तो साइकिल चोरी करया करुं सूं।


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