ई-पंडित का चुनाव घोषणा-पत्र
December 21, 2006
कल चिट्ठा-चर्चा से पता लगा कि तरकश पर ‘वर्ष २००६ का चिट्ठाकार’ के लिए चुनाव होने जा रहे हैं। तीन दिन की कैद में थे तो पता ही नहीं चल पाया खैर अभी भी आचार संहिता लागू नहीं हुई है इसलिए सोचा अपना घोषणा-पत्र लिख ही डालें।भाईयों और बहनों आने वाली २२ तारीख को ‘वर्ष २००६ का चिट्ठाकार’ का चुनाव होने जा रहा है। इस चुनाव में आप सब के अपने युवा उम्मीदवार श्रीश शर्मा ‘ई-पंडित’ जी भी ‘भारतीय ब्लॉगर पार्टी’ की तरफ से चुनाव लड़ रहे हैं। जिनका चुनाव निशान ‘ई-पाठशाला’ है। यह मेरी खुशकिस्मती है कि हमारे पार्टी अध्यक्ष माननीय़ ‘भ्रष्टाचार प्रसाद’ जी ने मुझे इस योग्य समझा तथा खुड्डेलाइन चुनाव क्षेत्र से टिकट दिया। चुनाव में जीतने पर हमारे पार्टी द्वारा निम्नलिखित कार्य कराये जाएंगे:
- ब्लॉगजगत की गलियों, नालियों और सड़कों को पक्का करवाया जाएगा। इस कार्य हेतु ठेकेदार ‘खाऊपीऊ प्रसाद’ से एडवांस में बात कर ली गई है।
- हमारी पार्टी के सता में आने पर सभी ब्लॉगरों को २४ घंटे बिजली मुफ्त दी जाएगी ताकि वे निश्चिंत होकर ब्लॉगिंग कर सकें। (हाँ बिजली कितनी देर आएगी इसकी गारंटी हम नहीं दे सकते)। इस बारे में कोई समस्या होने पर हमारे (होने वाले) बिजली-मंत्री ‘झट्का प्रसाद’ से संपर्क कर सकते हैं।
- नये ब्लॉगरों के लिए आने वाले साल में हमारी पाठ्शाला में विशेष कक्षाएं लगायीं जाएंगी। जिसमें वर्डप्रैस.कॉम के लिए विशेष पाठ्यक्रम शामिल होगा। इसके अतिरिक्त विंडोज तथा अंर्तजाल से संबंधित कार्यक्रम चलते रहेंगे। हमें वोट देने वालों के अटेंडेंस शॉर्ट नहीं किए जाएंगे।

- इस कार्य हेतु वरिष्ठ चिट्ठाकारों से मार्गदर्शन लिया जाएगा इससे उन्हें भी शिष्यतत्व सुख हासिल होगा। इसके लिए उन्हें ईमेल द्वारा
दुखी किया जाएगासंपर्क किया जाएगा। - मुझे जिताने वाले सभी लोगों के चिट्ठों पर भरपूर टिप्पणियां की जाएंगी इसके लिए हमारे स्टार टिप्पणीकार संजय भाईसाहब की सेवाएं ली जाएंगी। (जीतू भैया का वोट तो पक्का हो गया)

- मुझे वोट देने वाले लोग अपने मतलब की समीक्षाएं प्रायोजित करवा सकेगें। इस के लिए उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस बारे में हमारे सेकेट्री ‘सुस्तराम’ आपकी मदद हेतु उपलब्ध रहेंगे।
- हमें वोट देने वाले सभी चिट्ठाकारों को नित्यप्रति सुंदरियों के दर्शन हेतु प्रतीक भाई जी से हमारी सरकार विशेष कांट्रेक्ट करेगी
और वोट न देने वालों को समीरलाल जी, कविराज जोशी जी आदि कवियों के साथ एक कमरे में बंद कर दिया जाएगा।
(स्माईली लगा दिया है हे-हे)
स्कूल जाने का समय हो गया है। अभी और भी है आकर लिखता हूँ …
- सभी सामुदायिक साइटों जैसे कि नारद, चिट्ठाचर्चा आदि पर नये ब्लॉगरों को ५०% तथा महिलाओं को ३३% आरक्षण दिया जाएगा। इस बारे में हमारी ब्लॉगर संसद परिचर्चा में जल्द ही एक विधेयक लाया जाएगा। (अत: ये लोग भी हमें वोट दें)

- बेरोजगार चिट्ठाकारों (अर्थात जिनके चिट्ठे कोई पढ़ता नहीं, टिप्पणी नहीं करता) के लिए सामूहिक चिट्ठे (ग्रुप ब्लॉग) शुरु किए जाएंगे। इसका लाभ यह होगा कि कम से कम ग्रुप के ब्लॉगर तो चिट्ठा पढ़ेंगे और टिप्पणी करेंगे।

- सभी चिट्ठाकारों हेतु मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवायी जाएंगी। इस हेतु हमारे डॉक्टर प्रभात टंडन जी का क्लीनिक २४ घंटे खुला रहेगा। हाँ यह ठीक से बता देना कि कान साफ करवाना या कुछ और। जिन्हें नींद न आने की बीमारी हो उनके लिए स्पेशल काव्य गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा।
(स्माईली अटैच है जी) - सागर भाईसा तथा अन्य जो भी हँसना चाहें उनके लिए अनुगूँज का आयोजन करवाया जाएगा। यह कार्य व्यंगराज फुरसतिया जी के तत्वाधान में होगा। (सागर भाई तथा जोशी जी का वोट पक्का)

- जीतू भाई के डुप्लीकेट को पकड़ने हेतु विशेष कार्य बल (Special Task Force) का गठन किया जाएगा। वीरप्पन को मारने वाले ऑफीसर को इसका हेड बनाया जाएगा। (जीतू भाई वोट पक्का है न)

- अंत में, सभी वोट देने वालों को एक-एक बोतल धन्यवाद तथा एक-एक गड्डी टिप्पणियाँ (स्माईली के साथ) दी जाएंगी।
वोटिंग का तरीका बताने हेतु समीरलाल जी ने पोस्ट लिखी है पर पूर्णं विधि गिरिराज जी ने अपने चिट्ठे पर लिखी है जिसे साभार प्रकाशित किया जा रहा है।
आज की इस क्लाश में मैं आपको सिखाऊँगा कि तरकश पर 2006 के सर्वश्रेष्ठ चिट्ठाकार को नोमिनेट कैसे करें -
- सबसे पहले अपना ई-मेल अकाउण्ट खोले.
- अब To वाले टेक्सट बॉक्स में contact@tarakash.com लिखें.
- Subject में “2006 के सर्वश्रेष्ठ चिट्ठाकार के लिए नोमिनेशन” लिखें.
- Body वाले भाग में यह लिखें -
मैं 2006 के सर्वश्रेष्ठ चिट्ठाकार के रूप में इन दो चिट्ठाकारों को नोमिनेट करता हूँ -
1. श्रीश
2. ई-पंडित
और Send पर क्लिक कर दें, आपका काम हो जायेगा.
जो भाई ‘नोमिनेशन एक्सचेंज’ के इच्छुक हों वे हमारे ईमेल पर संपर्क करें। नहीं समझे क्या ‘तू मेरी पीठ खुजा में तेरी खुजाता हूँ’। ![]()
नोट: सभी प्रकार का भुगतान टिप्पणियों के द्वारा ही किया जाएगा अन्य कोई मुद्रा नहीं चलेगी
। किसी भी प्रकार का विवाद होने पर न्यायक्षेत्र केवल परिचर्चा होगा।
तो भाईयों आने वाली २२ तारीख को आपके अपने उम्मीदवार श्रीश जी को उनके चुनाव निशान ‘ई-पाठशाला’ पर मुहर लगाकर का बटन दबाकर भारी मतों से विजयी बनायें। चुनाव केंद्र है तरकश.कॉम। याद रहे चुनाव-चिन्ह ‘ई-पाठशाला’, ‘ई-पाठशाला’, ‘ई-पाठशाला’। ![]()
भारतीय ब्लॉगर पार्टी जिन्दाबाद ! जिन्दाबाद !
भाई भ्रष्टाचार प्रसाद जी जिन्दाबाद ! जिन्दाबाद !
जाने से पहले जरा गला तर कर लीजिएगा और हाँ ब्राँड इंग्लिश है भईया ध्यान रखना हमारा।
![]()




December 21, 2006 at 1:12 pm
जिन्दाबाद…
जितने के बाद हमारा भी ध्यान रखना…
वोट पाने के लिए कुछ…दान..अनुदान…
December 21, 2006 at 1:12 pm
December 21, 2006 at 5:49 pm
जीतने के बाद अपना मूंह ना मोड़ना – सभी वादे पूरे करना – वरना अगले चुनाव मे हार जाओगे
December 21, 2006 at 6:11 pm
श्रीशजी बहुत खुब.
हमारे चिट्ठे पर से आप बिना मेरी अनुमति के जो विधि उठा लाये है, उसके लिए हम असहयोग आन्दोलन करेंगे।
और हाँ, आप पर चिट्ठाकार अधिनियम “कखग” के तहत किसी चिट्ठाकार की निजी पोस्ट से विधि चुराने के जुर्म में इस वर्ष सहित अगले 5 वर्ष तक चुनाव में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया जायेगा.
आपके पास 2 दिन का समय है, या तो आप हमसे माफि मांगते हुए 101 टिप्पणियाँ हमारे ब्लॉग पर छोड़ आइये या फिर खुद ही इस चुनाव से अपना नाम वापस ले लिजिये.
December 21, 2006 at 7:06 pm
आप चुनाव में विजयी हों-हमारी शुभकामनायें. और यदि प्रतिद्वन्दी की शुभकामना पाकर दिल भर आया हो, आँखें नम सी लगें या गला रुँध जाये, तो नाम वापस ले लेना. मन हल्का लगेगा.
December 21, 2006 at 8:14 pm
वोट फॉर ई-पंडित
December 22, 2006 at 3:00 am
@ संजय बेंगाणी,
बिल्कुल जी एक बोतल टिप्पणियाँ अभी भेज देते हैं।
@ जगदीश भाटिया,
मजाक नहीं कर रहा, हम सीरियस हूँ जगदीश भाई
@ SHUAIB,
हे-हे शुएब भाई, नेताओं का तो आपको पता ही है। चुनाव से पहले – “हम साथ-साथ हैं”, चुनाव के बाद – “हम आपके हैं कौन”
@ गिरिराज जोशी “कविराज”,
ठीक है जी, हम जेल से चुनाव लड़ लेंगें वैसे भी ज्यादातर ‘जमीन से जुड़े नेता’ आजकल जेल से ही चुनाव लड़ते हैं।
आपके स्माईली पर विशेष ध्यान दे दिया है और १०१ टिप्पणियाँ प्रेषित करने जल्द ही आ रहे हैं।
@ समीर लाल,
दिल तो भर आया जी लेकिन अगर नाम वापस ले लिया और आप जीत गए फिर अगर आपने कानून बना दिया कि सभी ब्लॉगरों को ‘कवि-सम्मेलन अटेंड करना अनिवार्य है’ तो ?
@ उन्मुक्त,
‘ऑपन सोर्स’ उन्मुक्त जी के ‘ऑपन सोर्स’ सपोर्ट के लिए ‘ऑपन सोर्स’ धन्यवाद !
December 22, 2006 at 10:07 am
पंडित जी कोई शुभ मुर्हुत हो तो बताये, नामाकंन करना है। आपको भी भावी विजयी होने की शुभकामनाऐ। बार बार कहते कहते थक गया हूँ कि अन्यथा न लिजियेगा। अब तो मै विल्कुल भी नही कहूँगा, और
भी नही लगाऊगा।
December 22, 2006 at 2:51 pm
घोषणा-पत्र पढकर मन भावुक हो गया . यह जान कर और भी दुखी हुआ कि ब्लॉग-जगत का इतना हितैषी नेता बगल में बैठा था और हम लालटेन लेकर फ़िज़ूल में घूम रहे थे . मेरा वोट पक्का .
December 24, 2006 at 11:24 am
[...] भाईयो आजकल चुनाव का माहौल सै, इसै खातर ल्यो सुणो एक चुनावी मखौल। [...]
December 24, 2006 at 4:02 pm
भाई जान, बाकी चीजों का तो पता नहीं… आखिर में जो फोटू चिपकाया है वो वादा मत भूलना. वोटिंग से पहिले हमारे घर भिजवा देना. हमरा वोट तो पक्का होइये जायेगा… कहोगे तो हमरा बिहार से बुथ कैपचरिंग ब्रिगेड की भी सेवा दिलवा सकते हैं. (अंदर की बात, पिछली बार हम ई ब्रिग्रेड की सेवा लिये थे… नतीज़ा तो आपको मालूमे है)
December 24, 2006 at 5:58 pm
हमका तो भरोसा नही, इ ससुरा श्रीश, नेताओ जैसी बातें कर रहा है। भाइयों अपनी अपनी बोतल पहले ले लेना, ऐसा नहा कि बाद मे ना बोतल मिले और ना ही अन्दर का माल।
और हाँ, श्रीश भाई, खर्चे पानी का हिसाब रखना, चुनाव आयुक्त कार्यालय मे हमारे इन्कमटैक्स डिपार्टमेन्ट के ‘कमिशनर’ दोस्त बैठे है, वो हिसाब लगा रहे है, कि इक बोतल कित्ते की पड़ती है, २०० चिट्ठाकारों के हिसाब से किता खर्चा होगा। आल द बेस्ट, तुमको भी और कमिशनर दोस्त को भी। लगे रहो।
December 25, 2006 at 7:41 am
@ शशि सिंह,
शशि जी, दिक्खै सै भुवनेश भाई का थारे ई बंदां गेल कांट्रैकट सै। कोई चक्कर नी आपणे हरियाणे मा बी लठैतां की कमी कोनी।
@ जीतू,
जीतू भाई, बोतल ऑन-डिमांड सप्लाई करी जा री सै। पहली बोतल संजे भाई तै भेजी थी।
December 28, 2006 at 4:12 pm
[...] आज एक स्माईली मेरेको मिलने कू आया। मैं बोला कईसा है रे तो बोला क्या बताऊं जी बोत टेन्शन में हूँ। मैंने कहा कायकू भाई आजकल तो तू बोत हिट होरेला है जिसको देखो वई स्माईगिरी कर रेला है। बोला यई तो लोचा है बाप जबसे वो समीर भाई ने लोगों को अन्यथा नई लेने को बोला है मेरी तो वाट लग गई है। मैं बोला अबे तू तो पोपुलर हो गया यार मैं तो बोलता हूँ आज लास्ट दिन है तू भी चिट्ठा लिखना शुरु कर और चुनाव में खडा़ हो जा। बोला खालीपीली कायकू लेरे ओ बाप, वर्क-लोड एकदम बढ़ गया है, भाई लोग मेरे को सांस नी लेने देरे खासकर टिप्पणियों में। कोई उपाय बताओ ना पंडित जी। मैं बोला ठीक है भाई अपुन ट्राई करता है आगे भाई लोगों की मर्जी। तो भाई लोग आज अपुन बताएगा कि स्माईलगिरी कैसे करने का है। [...]