मदद चाहिए – वर्डप्रैस.कॉम से ब्लॉगर पर कैसे जाऊँ ?
January 12, 2007
ब्लॉगर बँधुओं वर्डप्रैस.कॉम से अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर ब्लॉगर पर जाने की सोच रहा हूँ। अब आप लोग बोलेंगे कि भाई ब्लॉगर से वर्डप्रैस (होस्टेड वाला) पर तो जाते सुना है ऐसा काम क्यों ? इसका कारण ये है कि यहाँ के मकान मालिक ने तंग कर दिया। कोई भी काम ठीक से करने ही नहीं देता। बोलता है ये मत करो, वो मत करो, इस पर प्रतिबंध है, उस पर प्रतिबंध है। मैंने पूछा काहे तो बोलता है सिक्योरिटी का चक्कर है। यहाँ रहना है तो ठीक वरना अगर यही सब करना है तो अपना मकान (वेबस्पेस) लेकर उसमें वर्डप्रैस के साथ रहकर करो।
अब एकबार तो मैंने ठान ही लिया कि ऐसा ही करते हैं पर फिर कुछ मित्रजनों की सलाह लेकर और काफी विचार कर सोचा कि ब्लॉगर भईया उदार तो पहले से ही थे अब काफी फेस्लिटी भी दे रहे हैं। तो उनके यहाँ कमरा लेने की सोची है।
अपना डोमेन और वेबस्पेस लेने बारे में मैंने गिरिराज भाई से सलाह ली तो वो बोले कि कुल मिलाकर लगभग सालाना ९००-१००० रुपए पढ़ेगे, लेकिन सिर्फ चिट्ठाकारी के लिए ये सब करना मूर्खता है। मुझे उनकी बात जंची। फिर रविरतलामी जी से ब्लॉगर पर आने बारे सलाह ली तो वो बोले बिल्कुल आ जाओ, ब्लॉगर का भविष्य उज्जवल है ।
वैसे तो ब्लॉगर पर आने का इरादा कर ही लिया। फिर भी आप सब लोग भी इस बारे में अपनी राय जाहिर करिए (वर्डप्रैस Vs ब्लॉगर)।
अब कमरा तो ले लिया। सजावट वगैरा तो चलती रहेगी। लेकिन दिक्कत यह हो गई कि ब्लॉगर से वर्डप्रैस/वर्डप्रैस.कॉम पर आने का तो तरीका है लेकिन वर्डप्रैस.कॉम से ब्लॉगर पर पोस्ट और टिप्पणियाँ ले जाने का कोई ऑटोमेटिक तरीका दिखता नहीं। मैनुअल तरीके से पोस्टें तो आ जाएंगी पर टिप्पणियाँ नहीं।शुक्र है कि अभी थोडी़ ही पोस्टें (४३) हैं इसलिए यह काम हो सकता है।
अब मुझे तो निम्न तरीके सूझ रहे हैं:
- वर्डप्रैस.कॉम के ब्लॉग में जाकर पोस्ट को कॉपी कर उसे ब्लॉगर के पोस्ट एडीटर में पेस्ट किया जाए। इस विधि द्वारा की गई टैस्ट पोस्ट यहाँ देखिए। ओरिजिनल पोस्ट यहाँ है।
- वर्डप्रैस.कॉम के पोस्ट-एडीटर में जाकर पोस्ट का HTML कोड कॉपी कर उसे ब्लॉगर के पोस्ट एडीटर में पेस्ट किया जाए। इस विधि द्वारा टैस्ट पोस्ट यहाँ देखिए। ओरिजिनल पोस्ट यहाँ है। इस विधि में ‘नम्बरिंग’ (बुलेटस एंड नम्बरिंग) में फालतू स्पेस आ गया है।
क्या यह तरीका ठीक है। क्या दोनों ब्लॉग सेवाओं में पोस्टों का अंदरुनी HTML कोड समान होता है। - ‘विंडोज लाइव राइटर’ में वर्डप्रैस.कॉम की पुरानी पोस्टें खोल कर उन्हें ब्लॉगर पर पोस्ट कर दूँ।इस विधि द्वारा टैस्ट पोस्ट यहाँ देखिए। ओरिजिनल पोस्ट यहाँ है।
पहला और तीसरा तरीका सही लगता है। आपका क्या विचार है इनमें कौन सा तरीका तकनीकी रुप से सबसे सही है ? क्या कोई इससे बेहतर तरीका आपको सूझता है। इस बारे में सलाह दें।
रवि जी आपने ‘छींटे और बौछारें’ से पोस्टें ‘रविरतलामी का हिन्दी ब्लॉग’ पर लाने के लिए क्या तरीका अपनाया था ?




January 12, 2007 at 10:20 am
मै तो तिसरे तरिके की सलाह दूंगा !
January 12, 2007 at 11:28 am
वर्डप्रेस से ब्लोगर पर जाने का यह पहला किस्सा मेरी नजर में आया है. इसबारे में हम कोई सलाह देने के काबिल नहीं है. फिर भी तीसरा तरीका सही लग रहा है.
January 12, 2007 at 11:39 am
आप उन मुट्ठी भर लोगों में से हैं जो यह कष्टदायक निर्णय ले रहे हैं, क्योंकि फिलहाल ब्लॉगर पर वर्डप्रेस से आने की कोई सीधी विधि नहीं। नया ब्लॉगर निःसंदेह बेहतर है और वर्डप्रेस की मुफ्त होस्टिंग में काफी खामियाँ।
अपनी होस्टिंग पर आने के बाद मैं यह कह सकता हूं कि चस्का बुरा नहीं है, पर अगर आप उस राह नहीं जाना चाहता तो आपके विकल्पों की फेहरिस्त में शायद आप ब्लॉगर पर ईमेल द्वारा पोस्ट किये जाने की सुविधा को भी शामिल करना चाहें। हाँ शायद इसके बाद आपको अपनी सभी पोस्ट को थोड़ा फॉर्मेट करना पड़ेगा।
मेरा सुझाव होगा कि आप अपनी पुरानी पोस्ट को वर्डप्रेस पर ही रहने दें और नये ब्लॉग से उसको लिंक करें, चाहें तो ब्लॉगर पर नई पोस्ट वर्डप्रेस पर ईमेल कर वहाँ का मिरर ब्लॉग जारी रहने दें बैकअप के तौर पर।
January 12, 2007 at 12:06 pm
Mujhe to is log entry se nayi baten pata chal rahi hain, ki aisa karne ke teen tareeke bhi hain. dhayavad pandit ji.
January 12, 2007 at 12:12 pm
[quote=Debashish ]मेरा सुझाव होगा कि आप अपनी पुरानी पोस्ट को वर्डप्रेस पर ही रहने दें और नये ब्लॉग से उसको लिंक करें, चाहें तो ब्लॉगर पर नई पोस्ट वर्डप्रेस पर ईमेल कर वहाँ का मिरर ब्लॉग जारी रहने दें बैकअप के तौर पर।[/quote]
देबाशीश की राय का ही मै अनुमोदन करता हूँ, श्रीश्। अगर याद हो यही काम शुएब ने ब्लागर से वर्डप्रेस पर आते समय भी किया था।
January 12, 2007 at 1:29 pm
वैसे आप क्या करना चाहते हैं जिस पर यहाँ वर्डप्रैस में प्रतिबंध है और जो आप ब्लॉगर में कर पाएँगे??
पाठक के रूप में अपनी कहूँ तो मुझे वर्डप्रैस डॉट कॉम वाले ब्लॉग वाकई ब्लॉगर वालों से अधिक सुरक्षित लगते हैं। वर्डप्रैस वाले ब्लॉग पर आप अपनी मर्ज़ी की जावस्क्रिप्ट या एक्टिव-एक्स आदि नहीं लगा सकते, इसलिए इन ब्लॉग को मैं आराम से खोलता हूँ, परन्तु किसी ब्लॉगर वाले ब्लॉग को खोलने से पहले उस खिड़की के लिए मैं स्क्रिप्ट आदि सब कुछ निष्क्रिय कर फ़िर खोलता हूँ, ना जाने कौन कब घात लगाए बैठा मिल जाए!!
यह सुविधा और सुरक्षा का मामला है, दोनों में तालमेल बनाने के लिए कहीं न कहीं किसी न किसी की कुर्बानी देनी ही होगी, अब यह हर व्यक्ति पर निर्भर है कि उसके लिए कब कहाँ कौन सी चीज़ आवश्यक है!!
वैसे क्या ब्लॉगर अन्य ब्लॉग से अपने यहाँ आयात का कोई तरीका देता है जैसे वर्डप्रैस में है? यदि है तो देखिए कि RSS को आयात करने का जुगाड़ ब्लॉगर दे रहा है कि नहीं। यदि दे रहा है तो अपनी सभी पोस्ट आप इस तरह भी आयात कर सकते हैं ब्लॉगर वाले ब्लॉग में। वैसे देबू दा का सभी पोस्ट यहाँ पड़े रहने देने का सुझाव बढ़िया है, इसका अनुमोदन मैं भी करता हूँ।
January 12, 2007 at 3:28 pm
“…रवि जी आपने ‘छींटे और बौछारें’ से पोस्टें ‘रविरतलामी का हिन्दी ब्लॉग’ पर लाने के लिए क्या तरीका अपनाया था ?…”
मैंने तो कष्टदायक काम ‘एचटीएमएल कोड सीधे कॉपी-पेस्ट’ किया था.
January 12, 2007 at 5:04 pm
@ संजय बेंगाणी,
संजय भाई, इसके कारणों का खुलासा विस्तार से ब्लॉगर के नए ब्लॉग पर जाकर करुँगा।
@ Debashish & PRABHAT TANDON,
हाँ, वर्डप्रैस.कॉम पर तो पिछली पोस्टें रहने ही दूँगा, उनको रहने देने से क्या नुक्सान है। हाँ सब पोस्टों पर नई पोस्ट का लिंक दे दूँगा।
@ Amit,
काफी कारण हैं अमित भाई, विस्तार से बताऊँगा नए ब्लॉग पर जाकर। RSS वाली बात के बारे में पता करता हूँ।
@ रवि,
रवि जी, HTML वाले तरीके में मैंने देखा कि फॉर्मेटिंग में फर्क आ रहा है।
January 12, 2007 at 6:50 pm
आगे से ब्लागर पर लिखें, बाकि यहीं रहने दें. एकाऊन्ट भी जिन्दा रहेगा और कॉपी की झंझट से भी बच जायेंगे. देबु जी की सलाह में दम है. पहले भी फुरसतिया जी ब्लागर से हिन्दनी पर गये हैं और उनकी पुरानी पोस्ट्स अभी भी ब्लागर पर लिंकड हैं.
-शुभकामनायें
January 12, 2007 at 9:36 pm
jane do na bhai – aap ko sirif likhna hi hai na ! yahin raho aur seb kuch thik hi to hai – haan tajerba karne ka shoukh hai to karo magar dekho ki apne blog ka munh na kharab karo
NOTE: main ne aapki post nahi padha; sirif comments padhe hain
January 16, 2007 at 1:58 pm
मे तो ये ही कहुन्गा के आप गलती कर रहे हो.
गूगल हर जगह बेहतर नही है.
January 17, 2007 at 7:47 am
श्रीमान श्र्रिश.. आप हमारे बिलाग में आये.. धन्यवाद…आगे भी आपसे मिलने की आशा रखती हूं.