हे संतजनों, १५-१६ दिन की मेहनत के बाद पंडित जी ने आखिर वर्डप्रैस.कॉम वाली धर्मशाला छोड़कर ब्लॉगर धाम की राह पकड़ ही ली।

पहले सारा किस्सा यहीं लिख दिया था लेकिन फिर सोचा अब यहाँ से जा ही रहे हैं तो सब कुछ वहीं लिखेंगे। तो भाइयों बाकी की कथा ब्लॉगर के नए मकान पर यहाँ पढ़िए और टिप्पणियाँ भी वहीं कीजिए। वहाँ जाकर सब बताऊँगा कि ये घर छोड़कर वहाँ जाने का निर्णय क्यों लिया।

नए घर का पता है: http://ePandit.BlogSpot.com

नारदमुनि वैसे तो अन्तर्यामी हैं, लेकिन फिर भी शीघ्र कार्यवाही हेतु उनको खबर कर दी है।

इस चिट्ठे पर अब कभी-कभार टैस्टिंग हेतु या विशेष परिस्थियों में ही पोस्टिंग की जाएगी। कृपया अपने बुकमार्क आदि अपडेट कर लें तथा आगे से सभी टिप्पणियाँ वहीं करें।

अच्छा वर्डप्रैस.कॉम सेठ अब आज्ञा दीजिए। “बहुत बेआबरु होकर तेरी महफिल…”

ब्लॉगर बँधुओं वर्डप्रैस.कॉम से अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर ब्लॉगर पर जाने की सोच रहा हूँ। अब आप लोग बोलेंगे कि भाई ब्लॉगर से वर्डप्रैस (होस्टेड वाला) पर तो जाते सुना है ऐसा काम क्यों ? इसका कारण ये है कि यहाँ के मकान मालिक ने तंग कर दिया। कोई भी काम ठीक से करने ही नहीं देता। बोलता है ये मत करो, वो मत करो, इस पर प्रतिबंध है, उस पर प्रतिबंध है। मैंने पूछा काहे तो बोलता है सिक्योरिटी का चक्कर है। यहाँ रहना है तो ठीक वरना अगर यही सब करना है तो अपना मकान (वेबस्पेस) लेकर उसमें वर्डप्रैस के साथ रहकर करो।

अब एकबार तो मैंने ठान ही लिया कि ऐसा ही करते हैं पर फिर कुछ मित्रजनों की सलाह लेकर और काफी विचार कर सोचा कि ब्लॉगर भईया उदार तो पहले से ही थे अब काफी फेस्लिटी भी दे रहे हैं। तो उनके यहाँ कमरा लेने की सोची है।

अपना डोमेन और वेबस्पेस लेने बारे में मैंने गिरिराज भाई से सलाह ली तो वो बोले कि कुल मिलाकर लगभग सालाना ९००-१००० रुपए पढ़ेगे, लेकिन सिर्फ चिट्ठाकारी के लिए ये सब करना मूर्खता है। मुझे उनकी बात जंची। फिर रविरतलामी जी से ब्लॉगर पर आने बारे सलाह ली तो वो बोले बिल्कुल आ जाओ, ब्लॉगर का भविष्य उज्जवल है ।

वैसे तो ब्लॉगर पर आने का इरादा कर ही लिया। फिर भी आप सब लोग भी इस बारे में अपनी राय जाहिर करिए (वर्डप्रैस Vs ब्लॉगर)

अब कमरा तो ले लिया। सजावट वगैरा तो चलती रहेगी। लेकिन दिक्कत यह हो गई कि ब्लॉगर से वर्डप्रैस/वर्डप्रैस.कॉम पर आने का तो तरीका है लेकिन वर्डप्रैस.कॉम से ब्लॉगर पर पोस्ट और टिप्पणियाँ ले जाने का कोई ऑटोमेटिक तरीका दिखता नहीं। मैनुअल तरीके से पोस्टें तो आ जाएंगी पर टिप्पणियाँ नहीं।शुक्र है कि अभी थोडी़ ही पोस्टें (४३) हैं इसलिए यह काम हो सकता है।

अब मुझे तो निम्न तरीके सूझ रहे हैं:

  1. वर्डप्रैस.कॉम के ब्लॉग में जाकर पोस्ट को कॉपी कर उसे ब्लॉगर के पोस्ट एडीटर में पेस्ट किया जाए। इस विधि द्वारा की गई टैस्ट पोस्ट यहाँ देखिए। ओरिजिनल पोस्ट यहाँ है
  2. वर्डप्रैस.कॉम के पोस्ट-एडीटर में जाकर पोस्ट का HTML कोड कॉपी कर उसे ब्लॉगर के पोस्ट एडीटर में पेस्ट किया जाए। इस विधि द्वारा टैस्ट पोस्ट यहाँ देखिए। ओरिजिनल पोस्ट यहाँ है। इस विधि में ‘नम्बरिंग’ (बुलेटस एंड नम्बरिंग) में फालतू स्पेस आ गया है।
    क्या यह तरीका ठीक है। क्या दोनों ब्लॉग सेवाओं में पोस्टों का अंदरुनी HTML कोड समान होता है।
  3. ‘विंडोज लाइव राइटर’ में वर्डप्रैस.कॉम की पुरानी पोस्टें खोल कर उन्हें ब्लॉगर पर पोस्ट कर दूँ।इस विधि द्वारा टैस्ट पोस्ट यहाँ देखिए। ओरिजिनल पोस्ट यहाँ है

पहला और तीसरा तरीका सही लगता है। आपका क्या विचार है इनमें कौन सा तरीका तकनीकी रुप से सबसे सही है ? क्या कोई इससे बेहतर तरीका आपको सूझता है। इस बारे में सलाह दें।

रवि जी आपने ‘छींटे और बौछारें’ से पोस्टें ‘रविरतलामी का हिन्दी ब्लॉग’ पर लाने के लिए क्या तरीका अपनाया था ?

कई बार जीमेल द्वारा प्राप्त संदेश में हिन्दी का कचरा बन जाता है जिससे वो न तो पढ़ी जा सकती है और न ही संपादन योग्य रहती है। मेरे साथ ऐसा कई बार हुआ है उदाहरण के लिए एकबार रविरतलामी जी ने मुझे हिन्दी तकनीकी शब्द-संग्रह भेजा था जो कि कचरा बन गया था। इसी प्रकार परसों रजनीश मंगला जी का एक मेल आया उसमें भी हिन्दी का कचरा बन गया था।

परिचर्चा से जो मेल आती है उसमें तो हमेशा ही ऐसा होता है। इसके अतिरिक्त कई बार अक्सर चिट्ठों की फीड में भी हिन्दी की जगह कचरा दिखाई देता है। वर्डप्रैस.कॉम के हिन्दी होमपेज पर भी कभी-कभी Blog of the Minute में ऐसा होता है।

इस का कारण अक्सर बताया जाता है कि ब्राउजर की एन्कोडिंग सही नहीं है तथा सलाह दी जाती है कि ब्राउजर की एन्कोडिंग यूनीकोड (UTF-8) कर दी जाए लेकिन इसके बावजूद भी कोई फर्क नहीं पड़ता।

हाल ही में मुझे इसके लिए एक हल मिल गया – हिन्दी यूनीकोड रिपेयर टूल।

(बड़ी तथा स्पष्ट इमेज देखने के लिए स्क्रीनशॉट पर क्लिक कीजिए)

यह एक ऑनलाइन टूल है जो कि खासकर जीमेल वाली समस्या को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें दिए गए खाने में करप्ट हुए हिन्दी टेक्स्ट को चिपका कर ‘Fix It’ बटन दबाइए और यह तत्काल ही हिन्दी टेक्स्ट रिपेयर करके दिखा देगा। यहाँ से आप इसे कॉपी कर कहीं भी काम में ले सकते हैं।

वैसे इस एन्कोडिंग के करप्ट होने का मूल कारण क्या होता है कोई बता सकता है ?

टैस्टिंग Picture Post प्लगइन…

टैस्टिंग Insert Website Image प्लगइन…

टैस्टिंग Windows Live Maps…

टैस्टिंग Insert Video प्लगइन…

 

http://www.youtube.com/watch?v=xUGdFXQ8EXI

टैस्टिंग वर्डप्रैस.कॉम वीडियो Syntax…

टैस्टिंग Paste As प्लगइन…

The quick brown fox jumps over the lazy dog.

टैस्टिंग Feed  Reader प्लगइन...

गिरिराज भाई को हँसाना है – पंडित जी, कविराज और डाकू

सुना है कि गिरिराज भाई आजकल दुखी टाइप हो रहे हैं और इसी हालत में वो अजीब-अजीब दार्शनिक बातें कर रहे हैं। नहीं-नहीं सरकार कविता लिखने पर प्रतिबंध नहीं लगाने जा रही। इसका कारण फुरसतिया भाईसाहब बता रहे हैं। तो फिर गिरिराज भाई नालायक मन को कोसने में लगे हैं। अब हमारा फर्ज बनता है […]

टैस्टिंग Insert Tags प्लगइन…

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सुना है कि गिरिराज भाई आजकल दुखी टाइप हो रहे हैं और इसी हालत में वो अजीब-अजीब दार्शनिक बातें कर रहे हैं। नहीं-नहीं सरकार कविता लिखने पर प्रतिबंध नहीं लगाने जा रही। इसका कारण फुरसतिया भाईसाहब बता रहे हैं। तो फिर गिरिराज भाई नालायक मन को कोसने में लगे हैं। अब हमारा फर्ज बनता है कि ऐसे मैं हम ऑपरेशन गिरिराज भाई को हँसाना है चलाएं। इसी श्रृखंला की पहली कड़ी में मैं आपको एक पुरानी घटना सुनाता हूँ। इस श्रृँखला को कोई भी आगे बढ़ा सकता है। (सागर भाई सुन रहे हैं ना)

एक बार पंडित जी और कविराज बातें कर रहे थे। पंडित जी – अरे यार पता है एक बार मैं जब घनघोर जंगल से जा रहा था तो मुझे डाकुओं ने घेर लिया और मेरी घडी़, चेन, बटुआ सब लूट लिया। कविराज – लेकिन आपके पास पिस्तौल भी तो थी। पंडित जी – हाँ लेकिन शुक्र है उस पर उनकी नजर नहीं पड़ी

कविराज – अब मेरी सुनो, एक बार मुझे भी रामगढ़ गाँव में डाकुओं ने घेर लिया। डाकुओं का सरदार गब्बर सिंह बोला – यहाँ से ५ मील…, जो कुछ है हमारे हवाले कर दो। कविराज – तुम मुझे जानते नहीं। गब्बर सिंह – कौन हो तुम। कविराज – यहाँ से १० मील दूर किसी गाँव में जब भी कोई बच्चा रोता है तो माँ कहती है बेटा सो जा, सो जा नहीं तो कविराज आ जाएगा। अब तुम यहाँ से खिसकते हो या कविता सुनानी शुरु करुँ…

कहते हैं डाकू गब्बर सिंह दुबारा रामगढ़ में नहीं दिखाई दिया। Giggle

फिलहाल देश में आम उपभोक्ताओं के लिए BSNL का डाटावन ब्रॉडबैंड ही अफोर्डेबल (कृपया इस के लिए कोई हिन्दी शब्द बताएं) है। इसके अतिरिक्त नए साल में BSNL ने आकर्षक घोषणा भी की है। अब जैसे रवि जी कह रहे थे कि BSNL ने ब्रॉडबैंड इस्तेमाल की जानकारी हेतु जो साइट बनाई है वह केवल इंटरनेट एक्सप्लोरर पर कार्य करती है। अब इसका एक इलाज तो यह है कि फायरफॉक्स में IE Tab एक्सटेंशन का प्रयोग किया जाए। इस एक्सटेंशन के प्रयोग द्वारा आप कोई भी साइट IE के इंजन का प्रयोग करके फायरफॉक्स के टैब में खोल सकते हो। यही नहीं आप कुछ निश्चित साइटों को हमेशा IE Tab में खुलने के लिए सैट कर सकते हो।

परंतु हमारे पास इससे अच्छा तरीका मौजूद है। डाटावन की वेबसाइट सिर्फ महीने की कुल प्रयोग की गई बैंडविडथ दर्शाती है। DataOne Bandwidth Usage Finder नाम का टूल मुफ्त तथा शुल्क योग्य बैंडविडथ के इस्तेमाल को अलग-अलग दर्शाता है। इसके अतिरिक्त यह महीने भर के इंटरनेट प्रयोग को चार्ट के रुप में भी दिखाता है। यह सिर्फ ७६.९ केबी साइज का है। स्क्रीनशॉट्स नीचे देखिए

इमेज को जूम करने के लिए क्लिक करेंइमेज को जूम करने के लिए क्लिक करें

लॉगइन करने के लिए निम्न सूचना डालिए:

DataOne Tool_Login

  1. अपना डाटावन यूजरनेम
  2. पासवर्ड
  3. महीना चुनिए जिस के लिए इस्तेमाल जाँचना हो
  4. यहाँ पर यह URL डालिए – http://10.241.48.195/webLogin.jsp

संबंधित कडि़याँ

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कल रविरतलामी जी के ब्लॉग पर पढ़ा कि BSNL ने नए साल में ब्रॉडबैंड दरों में कमी की घोषणा की है। तो जी गया खुशी-खुशी BSNL की साइट पर। कुल किराया नहीं घटाया गया है बल्कि डाटा ट्रांसफर लिमिट (Download/Upload Limit) बढ़ा दी गई है तथा लिमिट से ज्यादा प्रयोग का शुल्क (Additional Usage Charge) घटा दिया गया है। खैर यह भी काफी अच्छा समाचार है।

स्टार्ट अप प्लान २५० जिसमें २५० रुपए महीने में ४०० एमबी लिमिट थी बढ़ा कर १ जीबी कर दी गई है। लिमिट से अतिरिक्त प्रयोग का शुल्क (एडीशनल यूसेज चार्ज) भी १.४० रुपए से घटाकर ०.९० रुपए कर दिया गया है।

होम प्लान ५०० जिसमें ५०० रुपए महीने में १ जीबी लिमिट थी बढ़ा कर २.५ जीबी कर दी गई है। एडीशनल यूसेज चार्ज भी घटाकर ०.८० रुपए कर दिया है।

होम प्लान ९०० (अनलिमिटेड डाटा ट्रांसफर) में कोई परिवर्तन नहीं है।

उपरोक्त तीनों प्लानों की स्पीड २५६ केबीपीएस है। होम प्लान ५०० में रात २.०० बजे से सुबह ८.०० बजे तक (Night Unlimited) तक डाटा ट्रांसफर मुफ्त है। तो इस प्लान वाले भाईलोग रात को डाउनलोड वगैरा किया करते हैं।

मैंने डायल-अप कनेक्शन से तंग आकर अगस्त में डाटावन ब्रॉडबैंड कनेक्शन लिया था। शुरुआत स्टार्ट अप प्लान २५० (लिमिट ४०० एमबी) से की थी। पहले महीने तो संयम से काम लिया और डाटा ट्रांसफर हुआ 408.874 MB. सितम्बर में जरा ढीला पड़ गया। ब्रॉडबैंड की स्पीड में बहक गया, रात-दिन की सर्फिंग और डाउनलोड पर डाउनलोड तो जी डाटा ट्रांसफर हुआ 1517.273 MB. अक्तूबर में 1275.889 MB और नवंबर में 1438.075 MB. तो भईया टेलीफोन बिल आया क्रमशः ४००० रुपए और लगभग १५०० रुपए। लो जी घरवाले पीछे पड़ गए बंद कर यह आफत, कटवा दे कनेक्शन। तो जनाब जाकर प्लान बदल कर ले लिया होम प्लान ५०० (१ जीबी लिमिट वाला) अब दिसंबर से उसी को प्रयोग कर रहा हूँ। दिन में सर्फिंग करता हूँ और रात को उल्लू की तरह जागकर डाउनलोड। इसका फल अच्छा आया और दिसंबर में ट्रांसफर रहा 938.790 MB (फ्री घंटे निकालकर) तथा 3.109 GB (फ्री घंटो को मिलाकर) अर्थात कुल मिलाकर लिमिट में ही रहा।

अब चूंकि BSNL ने मेरे वाले प्लान की लिमिट बढ़ाकर २.५ जीबी कर दी है तो अब लिमिट पार होने का खतरा नहीं रहा। अपनी कमियों के बावजूद कम से कम हम छोटे शहर वालों के लिए BSNL ही एकमात्र सहारा है। वैसे मेरे शहर (यमुनानगर) में कुछ समय पहले Sify वालों का iway भी शुरु हुआ था तथा शायद Airtel का भी ब्रॉडबैंड शुरु होने वाला/हो चुका है परंतु वे बहुत महंगे हैं।

BSNL ब्रॉडबैंड सेवा के सभी प्लानों का विस्तृत ब्यौरा यहाँ पढ़ें

सभी डाटावन उपभोक्ताओं को बधाई ! जुग-जुग जियो BSNL और शुल्क घटाते रहो।😛

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