मेरा नाम ‘श्रीश’ है

नवम्बर 25, 2006

जब से हिन्दी चिट्ठाजगत में प्रवेश किया है अक्सर चिट्ठाकार बंधु मेरे नाम की वर्तनी गलत लिख देते हैं जैसे ‘शिरिष‘, शिरीष‘, ‘शिरिश‘, शीरीश‘, ‘श्रिश‘, ‘श्रीरीश‘ आदि जो कि ‘श्रीश’ होना चाहिए। उपरोक्त लोगों की गलती नहीं है, मेरा नाम ही जरा विशेष प्रकार का है। इसलिए मैं आपको इसकी वर्तनी तथा अर्थ बताता हूँ।

‘श्रीश’ शब्द का अर्थ:

‘श्रीश’ शब्द का संधिविच्छेद है – ‘श्री:+ईश’‘श्री’ माने लक्ष्मी और ‘ईश’ माने ‘स्वामी या पति’ अर्थात ‘भगवान विष्णु’। यह नाम मेरे पिताजी ने रखा था जो संस्कृत के प्रवक्ता हैं। मेरे जन्म-नक्षत्र के हिसाब से नाम ‘स’ अक्षर से बनता था अत: उन्होंने ‘श्री विष्णुसहस्त्रनाम स्तोत्र’ के निम्न श्लोक से नाम चुना।

श्रीदः श्रीश: श्रीनिवास: श्रीनिधि: श्रीविभावनः । श्रीधरः श्रीकरः श्रेयः श्रीमाँल्लोकत्रयाश्रयः ॥७८॥

‘श्रीश’ तथा ‘शिरीष’ में भ्रमित न हों, ‘शिरीष’ एक पुष्प का नाम है। मेरे नाम को लिखने तथा बोलने में हमेशा से ही लोगों को जरा भ्रम रहा है। पर इसी नाम के कारण ही मेरी अक्सर पहचान बन जाती है। बचपन में लगता था कि पिताजी ने कैसा कठिन नाम रखा पर अब समझ आता है कि यह एक श्रेष्ठ नाम है।

‘श्रीश’ लिखा कैसे जाए:

‘श्रीमान’ वाला ‘श्री’ तथा ‘शलगम’ वाला ‘श’ लेकर ‘श्रीश’ बनता है।

BarahaIME तथा HindiWriter में कुँजियाँ दबाइए: shrIsha

Hindi Indic IME में कुँजियाँ दबाइए: shreesha

आशा है अब सभी चिट्ठाकार बंधु मेरा नाम लिखने में कठिनाई नहीं महसूस करेंगें। अब तक आप लोग तसल्ली पूर्वक बोर हो चुके होंगें इसलिए लीजिए नाम संबंधी यह चुटकुला सुनिए।

मूल चुटकुला (संस्कृत में):

मम नाम …..

जेम्स् बाण्ड् हैदराबादनगरम् आगतवान् । तस्य निरीक्षायामेव आसीत् क्श्चन कारयानचालक: । यानं प्रस्थितम् । बाण्ड् स्वशैल्या परिचयम् आरब्धवान् – ‘अहं बाण्ड् … जेम्स् बाण्ड् । भवान् ?’

चालकः अवदत् – ‘अहं सायी । शिववेङ्कटसायी । लक्ष्मीनारायणशिववेङ्कटसायी । श्रीनिवाससुलु लक्ष्मीनारायणशिववेङ्कटसायी । सीतारामञ्जनेयुलु राजशेखर-श्रीनिवाससुलु लक्ष्मीनारायण …….’

बाण्ड् गच्छतः यानात् कूर्दनं कृत्वा अधावत् ।

सम्भाषण – सन्देशः मार्च २००६ से साभार

हिन्दी अनुवाद:

मेरा नाम …..

एक बार जेम्स बॉण्ड हैदराबादनगर में आया। वहाँ उसकी देखरेख में कोई कार्य संपन्न होना था। वह एक कार में बैठकर चल पड़ा। बॉण्ड अपनी शैली (स्टाइल) में परिचय देने लगा – मैं बॉण्ड … जेम्स बॉण्ड। आप ?

चालक (ड्राइवर) बोला – मैं सायी। शिववेङ्कटसायी। लक्ष्मीनारायणशिववेङ्कटसायी। श्रीनिवाससुलु लक्ष्मीनारायणशिववेङ्कटसायी। सीतारामञ्जनेयुलु राजशेखर-श्रीनिवाससुलु लक्ष्मीनारायण …….

बॉण्ड चलती हुई कार से कूदकर भाग गया।

11 Responses to “मेरा नाम ‘श्रीश’ है”


  1. आशा अब सभी आपका नाम सही सही लिखेंगे.
    चुटकुला मजेदार है.


  2. vah! मिल गया संस्कृत का टीचर मिल गया।

    कभी कभी कुछ सिखना चाहुंगा श्रीश। मास्साब को सिखाना यार संस्कृत। अपनी भाषाओं की जननी है यह।

  3. rachanabajaj Says:

    श्रीश, मैने एक भी बार अपका नाम गलत नही लिखा है!! अर्थ बताने का बहुत बहुत धन्यवाद्.शुद्ध संस्कृत देखकर बहुत अच्छा लगा.

  4. SHUAIB Says:

    मैं तो पहली बार आपका नाम लिखर रहा हूं श्रीश


  5. श्रीश जी, शब्द ब्रह्म है और आप भी ब्रह्म (विष्णु) हैं। फिर ब्रह्म (विष्णु) को किसी भी शब्द (ब्रह्म) से पुकारा जाए वह तो ब्रह्म ही रहेगा । घी का लड्डू टेड़ो भला । एक और बात, मेरी बोली में (भोजपुरी) आप (शिरिश) शिरीष (फूल) ही रहेंगे जो ब्रह्म के सर पर सुशोभित होता है।


  6. हाँ, यह आपने श्रीश अच्छा ही किया जो अपने नाम को सही ढंग से लिखना बता दिया, भाई बडा कनफ़्यूजन है तुम्हारे नाम के साथ।
    जेम्स बाँड कथा का संस्कृत वर्जन बढिया लगा।

  7. Shrish Says:

    लो जी सभी भाई लोग सोचने लगे कि मैं संस्कृत का ज्ञानी हूँ। मुझे संस्कृत उतनी ही आती है जितनी आप लोगों को। वह संस्कृत वाला चुटकुला ‘सम्भाषण – सन्देशः’ नामक पत्रिका से टीपा था तथा उसका अर्थ मेरे पिताजी ने बताया जो कि शास्त्री, एम.ए.(संस्कृत) तथा दर्शनाचार्य हैं, परंतु दिक्कत यह कि उन्हें कंप्यूटर उतना ही आता है जितनी हम लोगों को संस्कृत।

    वह चुटकुला मैंने संस्कृत में भी इस लिए दिया कि कोई भी रचना अपनी मूल भाषा में ही सर्वाधिक रसमयी होती है।


  8. वाह् श्रीश भाई, अब तो संस्कृत भाषा का सटिक प्रयोग किया है। आपके नाम का अर्थ सचमुच प्रभावशाली है।

    कृपया आपके पिताजी के पास समय हो तो हमारे नाम का भी अर्थ पता कर बतलाईयेगा।
    🙂


  9. अब से आपका नाम लिखने में गल्ती नहीं होगी. चुटकुला सही है.

  10. Shrish Says:

    @ गिरिराज जोशी,
    गिरिराज का मतलब है ‘पर्वतों का राजा’ अर्थात ‘हिमालय पर्वत’। वैसे कभी-कभी ‘गोवर्धन पर्वत’ (जिसे भगवान कृष्ण ने उठाया था) की स्तुति करने के लिए उसे भी गिरिराज कहा जाता है।


  11. im sorry im not writing in hindi because i dont have a hindi writer:/ mera naam bhi श्रीश hai par mere mitx aur adhyapak hamesha isse galat tareeke se hi bolte hain , main samjhata hun to kehte hain hain ki naam ke spelling galat likhi hai tumne aur naam phool val shreesh hai . main apna naam angrezi mein shirish likhta hoon maine dekha ki aap shrish likhte hain hamare nam se logon ki confusion hi confusion hai🙂 aapke article ko main use karoonga apne mitron ko apne naam ka sahi uccharand batane ke liye😉 . main angrezi mein likhte samey diatrics use karta hun jo hindi ke matraaon ke saman hain inse kaam thoda aasan ho jata hai shǐrìsh kuch is prakar aap bhi ise istemal kar sakte hain🙂 aapke spelling ke liye yeh shrìsh hoga . mera naam log ‘शिरीष log galat tareeke se bolte hain kyunki shirish kunder apna nam vaise bolte hain . aap se aur baat karna chahoonga :)) namashkar


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