बारहा, हिन्दीराइटर तथा इंडिक IME की तुलनात्मक समीक्षा

दिसम्बर 22, 2006

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अपडेट: इस विषय पर परिचर्चा में एक पोल रखा है – आप कौन सा IME (फोनेटिक) प्रयोग करते हैं ? कृपया उसमें भाग लेकर वोट दें।

हिन्दी चिट्ठाजगत में नये आये किसी भी सदस्य की एक बड़ी उलझन होती है कि हिन्दी टाइप करने के लिए कौन सा टूल प्रयोग किया जाए। जिन्होंने किसी जमाने में हिन्दी टाइपिंग (रेमिंगटन टाइपराइटर वाली) सीखी हुई हो उन्हें न तो सोचना पड़ता है न हीं अलग से किसी टूल की जरुरत होती है पर जिसने कभी पहले हिन्दी न टाइप की हो वह काफी भ्रमित होता है। जब मैंने लिखना शुरु किया था तो दुनिया जहान के टूल आजमाने के बाद सही टूल का चुनाव कर पाया। वैसे तो नेट पर ‘हिन्दी कैसे लिखें’ टाइप काफी लेख उपलब्ध हैं जिनमें कई टूल्स का जिक्र है परंतु उनकी आपसी तुलना पर कोई लेख उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस पोस्ट को लिखने का विचार आया।

यहाँ मैं केवल Phonetic IME औजारों की ही चर्चा कर रहा हूँ। IME या इनपुट मैथड एडीटर का परिचय देने की मेरे विचार से कोई जरुरत नहीं फिर भी जो इस बारे में नहीं जानते यहाँ पढ़ें। वैसे तो आजकल ढेरों IME उपलब्ध हैं पर उनमें प्रमुख हैं: Baraha Direct/IME, HindiWriter तथा Indic IME. तख्ती, छाहरी, यूनीपैड, हग (ऑफलाइन वाला) तथा ITRANS आदि अब प्रचलन से बाहर (आउटडेटिड) हो चुके हैं।

Baraha: Baraha द्वारा विकसित किया गया है। इस सॉफ्टवेयर में दो टूल हैं: Baraha तथा Baraha Direct. Baraha एक वर्ड प्रोसेसर है तथा Baraha Direct एक Phonetic IME। इसके अतिरिक्त बारहा वालों ने अलग से भी BarahaIME नाम का टूल निकाला है जो कि Baraha Direct का ही Lite Version है ताकि सिर्फ IME टूल हेतु पूरा सॉफ्टवेयर न डाउनलोड करना पड़े। इनमें एकमात्र अन्तर यह है कि BarahaIME केवल Unicode फॉन्ट पर कार्य करता है तथा Baraha Direct, Unicode तथा ANSI दोनों पर। जब तक आपको कोई विशेष प्रयोजन न हो BarahaIME ही उपयुक्त तथा पर्याप्त है।

खूबियाँ (Pros):

  • आसान इंस्टालेशन तथा प्रयोग।
  • ट्रांस्लिटरेशन संबंधी विस्तृत सहायता उदाहरणों सहित। यह नये टाइपिस्टों के लिए विशेष उपयोगी है।
  • Indic IME की तुलना में आसान ट्रांस्लिटरेशन स्कीम।
  • हिन्दी तथा इंग्लिश भाषा में आसानी से Switching/Toggling। यह कार्य यहाँ उल्लिखित तीनों IME में सबसे फास्ट तथा स्मूथ है तथा केवल एक कुंजी के प्रयोग से किया जा सकता है। शार्टकट है- F11 या F12.*
  • इसमें संस्कृत का कीबोर्ड भी शामिल है जो कि संस्कृत भाषा के कई विशिष्ट शब्दों को शुद्ध लिखना संभव बनाता है। यह कीबोर्ड किसी अन्य IME में नहीं है।*
  • Baraha Direct द्वारा नॉन-यूनीकोड वाले प्रोग्रामों में भी आसानी से हिन्दी टाइप कर सकते हैं। उदाहरण: फोटोशॉप आदि ग्राफिक्स प्रोग्राम*
  • Baraha Direct द्वारा एक भाषा से दूसरी भाषा में लिप्यांतरण (Convert Indian language text from one script to another), फॉन्ट परिवर्तन (Unicode <–> ASNI) तथा टेक्स्ट की सॉर्टिंग (Sorting Indian language data).*

कमियाँ (Cons):

  • याहू ! मैसेंजर पर कार्य नहीं करता।*

यदि इसमें Word Lookup/Auto Text तथा On-the-Fly help भी शामिल कर दिए जाएं तो यह सर्वश्रेष्ठ टूल बन जाएगा।

Baraha विवरण, Baraha डाउनलोड (Baraha Direct सहित)
BarahaIME विवरण, BarahaIME डाउनलोड

HindiWriter: HindiWriter देवेंद्र परख जी द्वारा विकसित किया गया है। यह पहला IME टूल था जिसका इंस्टालेशन तथा प्रयोग अत्यंत आसान था। शुरुआत में, BarahaIME के आने से पहले यह सबसे आसान ट्रांस्लिटरेशन स्कीम वाला टूल था। उस समय यह मेरा फेवरिट टूल हुआ करता था।

खूबियाँ (Pros):

  • आसान इंस्टालेशन तथा प्रयोग।
  • Indic IME की तुलना में आसान ट्रांस्लिटरेशन स्कीम।
  • Word Lookup फीचर (संस्करण १.४ से जारी)। यद्यपि यह फीचर Indic IME में भी Auto Text के नाम से है पर उसमें नहीं के बराबर शब्द हैं।
  • माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (Office XP) तथा ओपन ऑफिस २.० के लिए हिन्दी वर्तनी जाँचक (HindiSpell Check)*

कमियाँ (Cons):

  • याहू ! मैसेंजर पर कार्य नहीं करता (यद्यपि उनकी साइट पर लिखा है कि करता है, इस बारे में उनसे बात करता हूँ)। *
  • हिन्दी तथा इंग्लिश कीबोर्ड स्विच करने में BarahaIME से अपेक्षाकृत अधिक समय लेता है। शार्टकट है- Shift+Pause.
  • BarahaIME की तुलना में सीमित सहायता।

HindiWriter होमपेज, HindiWriter डाउनलोड

Hindi Indic IME: इसका निर्माण माइक्रोसॉफ्ट ने भारतीय भाषाओं में कम्प्यूटिंग को बढ़ावा देने हेतु वेबदुनिया से करवाया था। यह अपने समय का एक अच्छा तथा काफी प्रचलित टूल था परंतु अब काफी हद तक आउटडेटिड हो चुका है पर अभी भी काफी लोग इसे प्रयोग कर रहे हैं। आजकल माइक्रोसॉफ्ट इसे नये अवतार में Microsoft Input Tool के नाम से बना रहा है जिसका बीटा संस्करण जारी किया जा चुका है।

खूबियाँ (Pros):

  • याहू ! मैसेंजर पर कार्य करता है।
  • नये टाइपिस्टों के लिए On-the-Fly help तथा Visual Keyboard उपयोगी हैं। पर एकाध हफ्ते बाद ही इसकी कोई आवश्यकता नहीं रह जाती।

इसमें आठ कीबोर्ड लेआउट दिए गए हैं लेकिन काम के केवल तीन ही हैं: Hindi Transliteration, Hindi Remington तथा Hindi Inscript. अब जहाँ तक मैं जानता हूँ Remington टाइपिंग जानने वालों को अलग से किसी टूल की आवश्यकता नहीं तथा Inscript कीबोर्ड Windows XP में इनबिल्ट होता है। अतः ये आठ कीबोर्ड कोई विशेष उपयोगी नहीं।

कमियाँ (Cons):

  • मुश्किल, लंबी तथा थकाऊ इंस्टालेशन प्रक्रिया।
  • हिन्दी तथा इंग्लिश कीबोर्ड स्विच करने में सर्वाधिक समय लेता है। शार्टकट है- Alt+Shift.*

दो अन्य कमियाँ भी कहीं पढ़ी थी कि ये Text Area तथा Internet Explorer में काम नहीं करता पर ये बात ठीक नहीं निकली।

माइक्रोसॉफ्ट भाषाइंडिया पर विवरण, Hindi Indic IME डाउनलोड

उपसंहार: यह तो तय है कि Hindi Indic IME इस दौड़ में पिछड़ गया है तथा यह अब अपडेट भी नहीं किया जा रहा। इसकी एकमात्र काम की खूबी इसका याहू ! मैसेंजर में कार्य करना है यद्यपि उसके लिए भी अन्य विकल्प हैं जिसके बारे में अलग पोस्ट में लिखूँगा। फिलहाल BarahaIME तथा HindiWriter में तगड़ा कम्पटीशन चल रहा है तथा दोनों एक से बढ़कर एक हैं। पर मेरे विचार से फीचर्स के मामले में Baraha Direct/IME फिलहाल भारी पड़ता है।

अगला काम यह पता करना है कि BarahaIME तथा HindiWriter में से टाइपिंग के दौरान किसमें कम कुंजियाँ (Less Keystrokes) दबानी पड़ती हैं खासकर मिश्रित अक्षरों (Complex Letters) यथा ‘ज्ञ’, ‘श्र’, ‘क्ष’ तथा ‘ॠ’ आदि टाइप करने में।

* खास खूबी
* खास कमी

24 Responses to “बारहा, हिन्दीराइटर तथा इंडिक IME की तुलनात्मक समीक्षा”

  1. pankaj Says:

    आपने अच्छी जानकारी प्रदान की। बहुत धन्यवाद।

  2. Jitu Says:

    बाराहा नही भई वाह! वाह! बोलिये baaki yahan dekhiye


  3. अच्छी जानकारी दी पंडित जी, बारहा की इतनी अच्छी आदत पड़ गई है कि अब कुछ और सोचने की जरूरत ही नहीं।🙂


  4. बाराह की सबसे बड़ी ख़ामी यह है कि यह केवल ट्रांस्लिट्रेशन कुंजीपटल ही मुहैया कराता है। जो लोग रेमिंग्टन या इंस्क्रिप्ट आदि दूसरे कुंजीपटलों का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए हिन्दी इंडिक आईएमई के अलावा दूसरा कोई विकल्प ही नहीं है।


  5. मुझे तो हिन्दी राइटर का नया संस्करण सबसे बढिया लगता हैऔर सबसे खास बात कि Word Lookup का फ़ीचर होने से व्याकरण मे होने वाली गलतियाँ नहीं होती,और हाँ एक बात और spyware doctor का on guard इसको बन्द नही करता है जब कि बराह को यह की लागर समझ कर बन्द कर देता है।


  6. बराहा वास्तव में सबसे अच्छा है .


  7. बारहा बेहतर है, किंतु इंस्क्रिप्ट कुंजीपटल का अभ्यास होने के कारण मैं इंडिक आईएमई का ही इस्तेमाल करता हूँ। संयुक्ताक्षर लिखने के लिए इसमें कम कुंजियाँ दबानी होती हैं। माइक्रोसॉफ्ट इनपुट टूल का बीटा संस्करण इस्तेमाल करके देखता हूँ।

  8. Shrish Says:

    @ Jitu,
    वाह ! वाह ! जीतू भाई वाह ! वाह !, लेकिन आप के ब्लॉग पर पिछले कुछ दिनों से बार-बार कोशिश कर रहा हूँ, टिप्पणी ही नहीं हो रही जिससे वहाँ पर आह ! आह ! बोलना पड़ता है। अपने स्पैम कोतवालों को बताओ भई कि हम कोई टपोरी-लफंगे नहीं घर के ही आदमी हैं।

    @ Pratik Pandey & सृजन शिल्पी,
    मेरे विचार से तो रेमिंगटन तथा इन्स्क्रिप्ट के लिए इंडिक IME की जरुरत नहीं, खैर रविरतलामी जी से कन्फर्म करता हूँ। वैसे यह पोस्ट Phonetic औजारों को ध्यान में रखकर लिखी गई थी।

    @ PRABHAT TANDON,
    सही कहा प्रभात जी, तभी तो मैंने कहा:

    यदि इसमें Word Lookup/Auto Text तथा On-the-Fly help भी शामिल कर दिए जाएं तो यह सर्वश्रेष्ठ टूल बन जाएगा।


  9. मै अभी तक इण्डिक आईएमई का ही प्रयोग किया था, बारहा का उपयोग नही किया है एक प्रश्‍न है क्‍या यह इन्‍टरनेट एक्‍सप्‍लोरर तथा फायरफाक्‍स पर भी काम करेगा।


  10. लिनेक्स में SCIM का प्रयोग कर लिखा जाता है। इसमें किसी भी जगह टाईप करने में मुश्किल नहीं होती है। इसकी भी तुलना यहां पर कर दें तो अच्छा रहेगा।


  11. बहुत बढ़िया जानकारी. मैं स्वयं भी बारहा का ही इस्तेमाल करता हूँ.

  12. Tarun Says:

    बडी अच्छी जानकारी दी है लगता है इन्हें आजमाना पडेगा। बहुत पहले मतलब एक डेढ साल पहले बारहा ट्राई किया था तब मजा नही आया लेकिन अब फिर से देखता हूँ। रेमिंग्टन या इंस्क्रिप्ट के बार में भी जरा डिटेल में बता दो।

    एक सुझावः अगर आप किसी के बारे में बता रहे हो या संदर्भ दे रहे जिसके बारे में पहले भी लिख चुके हो तो लिंक दे दिया करो। जैसे बारहा डायरेक्ट और ग्राफिक्स या फोटोशॉप के बारे में तुम पहले एक पोस्ट लिख चुके हो।

  13. अनुनाद सिंह Says:

    वाह गुरुदेव,

    ये तुलना बहुत अच्छी लगी। हम सबके लिये यह बहुत उपयोगी है।

  14. Shrish Says:

    @ Pramendra Pratap Singh,
    हाँ प्रमेन्द्र जी, सब जगह काम करता है सिवाय याहू ! मैसेंजर के। वो भी शायद अन्य लोगों के कम्प्यूटर पर कर रहा हो। दुबारा प्रयोगशाला में ले जाता हूँ।

    @ उन्मुक्त,
    उन्मुक्त जी, लिनक्स तो अपने लिए ‘काला अक्षर भैंस बराबर है’, जानता हूँ बहुत अच्छी चीज है। मैंने लिनक्स से तौबा क्यों की इस बारे में बताने के लिए एक पोस्ट लिखूँगा।
    जैसा कि मैंने ऊपर कहा यह पोस्ट विंडोज पर हिन्दी लिखने के फोनेटिक औजारों के बारे में है। दुसरे कीबोर्डों की भी बात आगे करूँगा पर लिनक्स के बारे में लिखने के लिए न मेरे पास जानकारी है न इस बारे में अभी रुचि है।

    @ समीर लाल,
    लगता है जी, बारहा फैन-कल्ब बनाना पड़ेगा।

    @ Tarun,
    तरुण, बारहा IME/डायरेक्ट के प्रयोग बारे और भी पोस्ट लिखने वाला हूँ। रेमिंग्टन तथा इन्स्किप्ट को भी कुछ दिनों में प्रयोगशाला में ले जाने वाला हूँ उसके बाद ही बता पाऊँगा।
    मैं आपसे सहमत हूँ, अपनी पोस्टों में मैं अधिक से अधिक लिंक देने की कोशिश किया करता हूँ। शायद आपका इशारा बारहा की खूबी नंबर-६ की तरफ है। आपके कहे अनुसार लिंक दे दिया है।

    @ अनुनाद सिंह,
    कृपया अपने चिट्ठे का भी लिंक दे दिया करें इससे सभी पाठकों के चिट्ठों पर जाने में आसानी होती है।


  15. पंडित जी,
    आप के दिये लिंक से कई कोशिश करने के बाद आखिरकार Indic IMI लोड हुआ इन्सटाल करने के बाद पाया कि इससे रद्दी कुछ हो ही नहीं सकता, Baraha IMI ही सबसे सर्वश्रेष्ठ है|
    Indic में “त” लिखने के लिये th दबाना होता है “द” लिखने के लिये dh दबाना होता है जो बहुत असुविधाजनक लगता है, नुक्ता, अनुस्वार आदि के लिये भी indic IMI में प्रक्रिया आसान नहीं लगी।
    Baraha फ़ैन क्ल्ब बना रहे हो तो हमारा नाम भी लिख देना इसमें🙂


  16. बाराहा आइ,एम.ई में ग्य का विकल्प बताएं.

  17. Shrish Says:

    @ सागर चन्द नाहर,
    सागर जी, यही बात तो मैंने खूबी नंबर दो में कही है – “Indic IME की तुलना में आसान ट्रांस्लिटरेशन स्कीम।”

    @ अफ़लातून,
    अफ़लातून जी, शायद आप यह जानना चाह रहे हैं कि बारहा IME में ‘ज्ञ’ कैसे लिखें।
    ज्ञ = j~ja

  18. himanshu Says:

    मैं तो भैया हिन्दी आई.एम.ई उपयोग करता हूँ. वैसे बरहा भी कुछ बुरा नहीं है.

    पर मुझे हिन्दी आई.एम.ई इन कारणों से अच्छी लगती है:

    1. हिन्दी आई.एम.ई माइक्रोसौफ्ट द्वारा निर्धारित किये सहीं API का उपयोग करता है. यानी की यह औपरेटिंग सिस्टम के साथ बहुत अच्छे से खुल मिल जाता है. लोग Language Setting में जा कर आसानी से इसे की-बोर्ड की लिस्ट में डाल सकते हैं.

    इसके विपरीत बरहा की-बोर्ड हुक का उपयोग करता है, जो की एक “हैक” से ज्यादा कुछ नहीं है😉

    2. मेरे औफिस में अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जो की रेमिंगटन ले-आउट में लिखने की आदि हो चुके हैं. उनके लिये आई.एम.ई में की-बोर्ड ले-आउट बदलना बहुत आसान हो जाता है.

    3. बरहा के की अधिकांश “फीचर” जैसे की ANSI में बदलना, एक भाषा से दूसरे में बदलना, अधिकांश लोगो के लिये उपयोगी नहीं है.

    जो लोग फोटोशौप आदि में हिन्दी में “लिखना” चाहते हैं, वह हिन्दी पैड जैसा सौफ्टवेअर उपयोग करना चाहेंगे, जिसके के साथ बहुत सारे सुन्दर हिन्दी फांट मिलते हैं.

    4. “फीचर्स के मामले में Baraha Direct/IME फिलहाल भारी पड़ता है”

    हे हे ..यही बरहा की सबसे बङी कमी भी है. बरहा बहुत सारे काम एक साथ करना चाहता है.

    अरे यार, लोगों को बस हिन्दी आई.एम.ई चाहिये … दस तरह के काम करने वाल टूल नहीं.

    यही कारण है की लोगो को, कम फीचर होने पर भी, iPod पसन्द आता है.

    मैं तो सोच रहा था की शायद इस बार आई.एम.ई vista के साथ पहले से इंस्टाल हो कर मिलता ..पर दुख की बात यह है की हिन्दी भाषियों ने इसके लिये आवाज ही नहीं उठाई.

    vista में complex languages के लिये पहले से सारी फाइलें हैं. पर अगर हिन्दी आई.एम.ई भी डिफाल्ट इंस्टाल में रहता तो हिन्दी भाषियों को बहुत ही फायदा होता.

    जरा सोचिये, नये लोगों को हिन्दी में लिखने के लिये कुछ भी इंस्टाल आदि करने की जरूरत नहीं पङती.

    आप अनुमान भी नहीं लगा सकते की नया कम्प्यूटर लेने वालों को हिन्दी में लिखने के टूल इंस्टाल करना कितना कठिन काम लगता है. जरा अपने माता पिता को यह सब इंस्टाल करते हुए कल्पना कीजिये, और आप सब समझ जायेंगे की मैं क्या कहना चाहता हूँ😉

  19. Shrish Says:

    @ himanshu,
    हिमांशु जी, प्रथम तो विस्तृत टिप्पणी के लिए धन्यवाद।

    हिन्दी आई.एम.ई माइक्रोसौफ्ट द्वारा निर्धारित किये सहीं API का उपयोग करता है. यानी की यह औपरेटिंग सिस्टम के साथ बहुत अच्छे से खुल मिल जाता है. लोग Language Setting में जा कर आसानी से इसे की-बोर्ड की लिस्ट में डाल सकते हैं.

    इससे क्या फायदा होता है, जैसा कि मैंने कहा बारहा भी याहू ! मैसेंजर को छोड़कर सब जगह टाइप कर सकता है। बल्कि कई जगह इसका प्रयोग ज्यादा आसान पड़ता है।

    मेरे औफिस में अभी भी कुछ लोग ऐसे हैं जो की रेमिंगटन ले-आउट में लिखने की आदि हो चुके हैं. उनके लिये आई.एम.ई में की-बोर्ड ले-आउट बदलना बहुत आसान हो जाता है.

    हाँ वो तो मैंने कहा कि रेमिंगटन वालों के लिए ही वो कीबोर्ड उपयोगी हैं।

    जो लोग फोटोशौप आदि में हिन्दी में “लिखना” चाहते हैं, वह हिन्दी पैड जैसा सौफ्टवेअर उपयोग करना चाहेंगे, जिसके के साथ बहुत सारे सुन्दर हिन्दी फांट मिलते हैं.

    एक बात तो कि हिन्दी पैड फ्री नहीं है।मैंने प्रयोग किया हुआ है। लेकिन इसके द्वारा फोटोशॉप में कैसे लिख सकते हैं, यह बात समझ में नहीं आई।

    मैं तो सोच रहा था की शायद इस बार आई.एम.ई vista के साथ पहले से इंस्टाल हो कर मिलता ..पर दुख की बात यह है की हिन्दी भाषियों ने इसके लिये आवाज ही नहीं उठाई.

    vista में complex languages के लिये पहले से सारी फाइलें हैं. पर अगर हिन्दी आई.एम.ई भी डिफाल्ट इंस्टाल में रहता तो हिन्दी भाषियों को बहुत ही फायदा होता.

    अब आपने तो भाई मेरी दुखती रग पर हाथ रख दी, मैं खुद बेकरार था कि ऐसा हो लेकिन .. कई लोग हिन्दी संजालजगत से सिर्फ इसीलिए दूर हैं कि वे इन झंझटों में पड़ना ही नहीं चाहते।

  20. himanshu Says:

    जैसे की मैने पहले भी कहा है श्रीश जी,

    सबको अपना हथियार चुनने की आजादी है…😉

    क्योकी मुझे आई.एम.ई पसन्द है, इसका अर्थ यह नहीं है की आपको भी पसन्द होना चाहिये.

    “एक बात तो कि हिन्दी पैड फ्री नहीं है।मैंने प्रयोग किया हुआ है। लेकिन इसके द्वारा फोटोशॉप में कैसे लिख सकते हैं, यह बात समझ में नहीं आई।”

    हिन्दी पैड का एक फ्री एडिशन भी है. क्योंकी फोटोशौप का यूनीकोड सपोर्ट अधकचरा है, इसलिय लोगों को हिन्दी पैड का उपयोग करना पङता है. यही हालत कई पेज ले-आउट प्रोगामों का भी है.

    “अब आपने तो भाई मेरी दुखती रग पर हाथ रख दी, मैं खुद बेकरार था कि ऐसा हो लेकिन .. कई लोग हिन्दी संजालजगत से सिर्फ इसीलिए दूर हैं कि वे इन झंझटों में पड़ना ही नहीं चाहते।”

    लोग internet explorer का उपयोग इसलिये नहीं करते क्यों की वह अच्छा है. लोग इसका उपयोग इसलिये करते हैं क्योंकी वह औपरेटिंग सिस्टम के साथ पहले से मिलता है.

    मुझे तो यह भी नहीं समझ में आता की माइक्रोसौफ्ट में किसे मेल करूँ की vista के डिफाल्ट इंस्टाल में हिन्दी आई.एम.ई भी हो😦

    और मुझ एक के आवाज उठाने से होगा भी क्या ?? लोगो को पहले इस काम के लिये एकजुट करना होगा …. एकता में बहुत ताकत होती है😉

  21. सुधाँशु Says:

    आपका लेख काफी अच्छा है. क्या आपने हिन्दीकलम.कोम देखा है ? वह भी अच्छा प्रयास है.

  22. admin Says:

    धन्यवाद इस शुभ काम कै लिय ।


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