ब्लॉगर बँधुओं वर्डप्रैस.कॉम से अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर ब्लॉगर पर जाने की सोच रहा हूँ। अब आप लोग बोलेंगे कि भाई ब्लॉगर से वर्डप्रैस (होस्टेड वाला) पर तो जाते सुना है ऐसा काम क्यों ? इसका कारण ये है कि यहाँ के मकान मालिक ने तंग कर दिया। कोई भी काम ठीक से करने ही नहीं देता। बोलता है ये मत करो, वो मत करो, इस पर प्रतिबंध है, उस पर प्रतिबंध है। मैंने पूछा काहे तो बोलता है सिक्योरिटी का चक्कर है। यहाँ रहना है तो ठीक वरना अगर यही सब करना है तो अपना मकान (वेबस्पेस) लेकर उसमें वर्डप्रैस के साथ रहकर करो।

अब एकबार तो मैंने ठान ही लिया कि ऐसा ही करते हैं पर फिर कुछ मित्रजनों की सलाह लेकर और काफी विचार कर सोचा कि ब्लॉगर भईया उदार तो पहले से ही थे अब काफी फेस्लिटी भी दे रहे हैं। तो उनके यहाँ कमरा लेने की सोची है।

अपना डोमेन और वेबस्पेस लेने बारे में मैंने गिरिराज भाई से सलाह ली तो वो बोले कि कुल मिलाकर लगभग सालाना ९००-१००० रुपए पढ़ेगे, लेकिन सिर्फ चिट्ठाकारी के लिए ये सब करना मूर्खता है। मुझे उनकी बात जंची। फिर रविरतलामी जी से ब्लॉगर पर आने बारे सलाह ली तो वो बोले बिल्कुल आ जाओ, ब्लॉगर का भविष्य उज्जवल है ।

वैसे तो ब्लॉगर पर आने का इरादा कर ही लिया। फिर भी आप सब लोग भी इस बारे में अपनी राय जाहिर करिए (वर्डप्रैस Vs ब्लॉगर)

अब कमरा तो ले लिया। सजावट वगैरा तो चलती रहेगी। लेकिन दिक्कत यह हो गई कि ब्लॉगर से वर्डप्रैस/वर्डप्रैस.कॉम पर आने का तो तरीका है लेकिन वर्डप्रैस.कॉम से ब्लॉगर पर पोस्ट और टिप्पणियाँ ले जाने का कोई ऑटोमेटिक तरीका दिखता नहीं। मैनुअल तरीके से पोस्टें तो आ जाएंगी पर टिप्पणियाँ नहीं।शुक्र है कि अभी थोडी़ ही पोस्टें (४३) हैं इसलिए यह काम हो सकता है।

अब मुझे तो निम्न तरीके सूझ रहे हैं:

  1. वर्डप्रैस.कॉम के ब्लॉग में जाकर पोस्ट को कॉपी कर उसे ब्लॉगर के पोस्ट एडीटर में पेस्ट किया जाए। इस विधि द्वारा की गई टैस्ट पोस्ट यहाँ देखिए। ओरिजिनल पोस्ट यहाँ है
  2. वर्डप्रैस.कॉम के पोस्ट-एडीटर में जाकर पोस्ट का HTML कोड कॉपी कर उसे ब्लॉगर के पोस्ट एडीटर में पेस्ट किया जाए। इस विधि द्वारा टैस्ट पोस्ट यहाँ देखिए। ओरिजिनल पोस्ट यहाँ है। इस विधि में ‘नम्बरिंग’ (बुलेटस एंड नम्बरिंग) में फालतू स्पेस आ गया है।
    क्या यह तरीका ठीक है। क्या दोनों ब्लॉग सेवाओं में पोस्टों का अंदरुनी HTML कोड समान होता है।
  3. ‘विंडोज लाइव राइटर’ में वर्डप्रैस.कॉम की पुरानी पोस्टें खोल कर उन्हें ब्लॉगर पर पोस्ट कर दूँ।इस विधि द्वारा टैस्ट पोस्ट यहाँ देखिए। ओरिजिनल पोस्ट यहाँ है

पहला और तीसरा तरीका सही लगता है। आपका क्या विचार है इनमें कौन सा तरीका तकनीकी रुप से सबसे सही है ? क्या कोई इससे बेहतर तरीका आपको सूझता है। इस बारे में सलाह दें।

रवि जी आपने ‘छींटे और बौछारें’ से पोस्टें ‘रविरतलामी का हिन्दी ब्लॉग’ पर लाने के लिए क्या तरीका अपनाया था ?


मैं जानना चाहता हूँ कि सर्वज्ञ के लिए ऊपर वाला एंटीपिक्सल बटन किसने बनाया। मैं काफी दिनों से कोई हिन्दी एंटीपिक्सल बटन मेकर ढ़ूढ रहा हूँ जो हिन्दी टेक्स्ट में बटन बना सके। मैंने कई सेवाएं आजमा कर देख ली पर परिणाम शून्य।

अब इस बटन के बारे में दो ही संभावनाएं हैं:

  1. यह किसी Online Button Maker द्वारा बनाया गया है जैसे यह साइट। ऐसे बटन मेकर ज्यादातर PHP Script का उपयोग करते हैं।
  2. यह बटन किसी चित्र-संपादन सॉफ्टवेयर जैसे कि – फोटोशॉप, पेंटशॉप प्रो या जिम्प आदि में बनाया गया है।

अब हम से ही किसी न किसी ने ही यह इसे बनाया होगा कोई पाताल से आकर तो बना नहीं गया और होगा भी यह किसी वरिष्ठ चिट्ठाकार यथा आलोक, पंकज नरुला, देवाशीष चक्रवर्ती, रमण कौल अथवा जीतेन्द्र चौधरी आदि का ही काम।

मैं इस प्रश्न का उतर जानने के लिए बहुत उत्सुक हूँ, यह प्रश्न मैं परिचर्चा में भी पूछ चुका हूँ पर पता नहीं चल पाया। यदि आपमें से कोई भी इस बारे में कोई जानकारी दे सकता हो तो बताइए।

पहली बात तो यह जानना चाहता हूँ कि यह किसी ऑनलाइन टूल द्वारा बनाया गया या ग्राफिक्स प्रोग्राम द्वारा, दूसरा उसका नाम तथा तीसरा यह कि किस फॉन्ट (रेमिंगटन अथवा यूनीकोड) के प्रयोग द्वारा।

वरिष्ठ भाईयों शीघ्र उतर दो वरना एक-एक को मेल कर पूछँगा। 🙂

P.S: एंटीपिक्सल बटन 80×15 आकार का वह बटन होता है जो इंटरनेट खासकर ब्लॉग्स पर बहुत लोकप्रिय है। हिन्दी ब्लॉगजगत में यह अभी ज्यादा प्रचलित नहीं हुआ पर इंग्लिश ब्लॉगजगत में यह हर तीसरे ब्लॉग पर दिखाई देते हैं। अधिक जानकारी के लिए यहाँ विकिपीडिया पर देखिए