ब्लॉगिंग ने वेब को दोतरफा संवाद माध्यम में बदल दिया है। सभी ब्लॉगर चाहते हैं कि ब्लॉग लिखना सरलतम तथा आनंददायक काम बने। अधिकतर ब्लॉगर ब्लॉगिंग सर्विस के वेब आधारित अंतर्निमित एडीटर से लिखना शुरु करते हैं जिससे काम तो चल जाता है पर इसमें अधिक फंक्शनैलिटी नहीं होती। अगर ऐतिहासिक दृष्टि से बात करें तो सबसे पहले डेस्कटॉप ब्लॉगिंग टूल आये जैसे w.Bloggar तथा BlogJet आदि। इसके बाद नंबर आता है ब्राउजर आधारित टूल्स का जैसे Flock तथा Performancing. इसी श्रृखंला में नवीनतम हैं MS Word 2007 का अंतर्निमित ब्लॉग एडीटर था Windows Live Writer।

जहाँ तक बात है ब्लॉगिंग सर्विस के वेब आधारित अंतर्निमित एडीटर की तो उसके के उपयोग में दो नुक्सान हैं एक तो वहाँ उपलब्ध Rich Text Editor सीमित संसाधन युक्त होत है मतलब उसमें फंक्शन कम होते हैं साथ ही लिखने की जगह भी बहुत सीमित सी होती है दूसरा नुक्सान है आपको ऑनलाइन रहते हुए लिखना पड़ता है जिससे मेरे जैसे सीमित इंटरनेट कनेक्शन वाले को बिल की ही चिंता सताती रहती है। डेस्कटॉप ब्लॉगिंग टूल एक रिच टेक्स्ट एडीटर/वर्ड प्रोसेसर जैसा टूल होता है जिसमें ब्लॉगिंग सबधित कई फंक्शन होते हैं। आप ऑफलाइन रह कर पोस्ट लिखते हो, उसे सजाते संवारते हो, काम फाइनल हो जाने पर ऑनलाइन होकर पोस्ट प्रकाशित (Publish) कर देते हो। पोस्ट को ड्राफ्ट के रूप में सहेजने (Save) करने की सुविधा के कारण आप उसे कई चरणों में लिख सकते हैं। ब्राउजर आधारित टूल वेब आधारित तथा डेस्कटॉप आधारित टॄल्स के बीच की चीज है। इनमें Performaing जो कि एक फायरफॉक्स एड-ऑन है काफी उन्नत है परंतु डेस्कटॉप ब्लॉगिंग टूल इन तीनों प्रकार के टूल्स में बाजी मार ले जाते हैं अब तक जो टूल विंडोज उपयोगकर्ताओं द्वारा सर्वाधिक प्रयोग हो रहा था वह है w.bloggar पर एक तो अब इसका डेवलपमेंट मंद पड़ गया है। दूसरा Windows Live Writer की विशिष्ट खूबियों के चलते यह इस दौड़ में पिछड़ गया है।

बिल्लू भैया एंड कंपनी ने १३ अगस्त २००६ को बहुत काम का औजार निकाला विंडोज लाइव राइटर। यद्यपि यह Live Spaces को ध्यान में रखकर बनाया गया था परंतु यह अधिकतर ब्लॉगिंग सेवाओं पर कार्य कर लेता है। इसका लेआउट माइक्रोसॉफ्ट वर्ड जैसा है, यह अभी बीटा चरण में है तथापि काफी अच्छा कार्य करता है।

इमेज को जूम करने के लिए क्लिक करें

विंडोज लाइव राइटर में बहुत सी विशेषताएं हैं जैसे WYSIWYG या HTML मोड में पूर्वालोकन, आसान फोटो-पब्लिशिंग, श्रेणियाँ (Tagging) तथा अधिकतर ब्लॉगिंग प्लेटफार्म हेतु सपोर्ट परंतु यह सब तो पुराने डेस्कटॉप क्लाइंट यथा w.bloggar आदि में भी था। इसे उन सब से अलग बनाती हैं कुछ निम्नलिखित खूबियाँ:

  • “Web Layout” मोड में लेखन जिससे आप को लगता है कि जैसे आप साक्षात अपने ब्लॉग में लिख रहे हों। आपको लिखते हुए पोस्ट जैसी दिखाई देगी, पब्लिश होने पर ठीक वैसी ही होगी।
  • इसमें प्ल्ग‍इन फंक्शनैलिटी है जिसके द्वारा इसमें नये फीचर जोड़े जा सकते हैं। (फायरफॉक्स एक्सटेंशनों की तरह)

इसका इंटरफेस साफ-सुथरा है तथा माइक्रोसॉफ्ट-वर्ड से मिलता जुलता है। इतना ही नहीं इसकी शब्द-संपादन कार्य-प्रणाली भी वर्ड जैसी ही है जिससे की नये प्रयोगकर्ताओं को इसे सीखने में वक्त नहीं लगता जो कि इसके प्रचलन का एक प्रमुख कारण भी है। साथ ही वर्तनी जाँचक की सुविधा भी है लेकिन यह इंग्लिश तक सीमित है।

WLW_Add New Weblog

इसको इंस्टाल करना w.bloggar आदि अन्य टूल्स की तुलना में अत्यंत आसान है। बस अपना ब्लॉग का URL, य़ूजरनेम तथा पासवर्ड दीजिए तथा बाकी काम यह स्वयं कर लेगा। यह लॉग‍इन करके Weblog Style तथा अन्य फाइलें डाउनलोड कर लेता है। अगर आप इंटरनेट एक्सप्लोरर प्रयोग करते हैं तो इसमें उसके लिए एक टूलबार इंस्टाल करने का विकल्प भी है लेकिन मेरी तरह कई लोग टूलबार पसंद नहीं करते। इसके अतिरिक्त यह नये यूजरों के लिए Live Spaces के लिए साइनअप करने का भी विकल्प देता है पर हिन्दी ब्लॉगर लाइव स्पेसिज का प्रयोग नहीं करते।

जब आप WLW को पहली बार स्टार्ट करते हैं तो यह एक new, blank पोस्ट दिखाता है। यह आपके ब्लॉग के CSS को डाउनलोड कर लेता है तथा आपके ब्लॉग का एक काल्पनिक वर्जन बना देता है जिससे आपको लगता है कि जैसे आप सीधे ही अपने ब्लॉग में लिख रहे हों। आजकल ज्यादातर ब्लॉग एडीटरों में WYSIWYG (What You See Is What You Get अर्थात जैसा देखो वैसा प्राप्त होगा) होता है लेकिन WLW इस सबसे एक कदम आगे है यह आपके ब्लॉग का Template इस्तेमाल करता है जिससे आप जिसके रंग, चौड़ाई आदि आपके ब्लॉग जितनी ही होती है जिससे कि एडीटर स्क्रीन बिल्कुल आपके ब्लॉग जैसी ही दिखाई देती है। इसमें तीन WYSIWYG मोड हैं – Normal, Web Layout तथा Web Preview. मैं वेब लेआउट मोड में लिखता हूँ। वेब प्रिव्यू मोड में यह आपका ब्लॉग नई सामग्री के साथ दिखाता है जिससे ऐसा प्रतीत होता है जैसे कि आपने पोस्ट को पब्लिश कर दिया हो।

इमेज को जूम करने के लिए क्लिक करें

नीचे Post Properties तथा Trackbacks bar है जिसमें आप पोस्ट संबंधी विभिन्न विकल्प जैसे Time Stamp, Keywords, Comments तथा Trackback संबंधी विकल्प तथा Trackback भेजने के लिए URL आदि कॉन्फिगर कर सकते हैं। ऊपर दाईं तरफ आप पोस्ट के लिए श्रेणियाँ चुन सकते हैं जिसे WLW आपके ब्लॉग से खोज लेता है। आप ड्रॉफ्ट को अपने कम्यूटर तथा ब्लॉग सर्वर दोनों पर सहेज सकते हैं। ऊपर टूलबार से पब्लिश ड्रॉप-डाउन बॉक्स से आप अपनी पोस्ट को ड्रॉफ्ट के रुप में ब्लॉग पर सहेज सकते हैं अथवा सीधे पोस्ट कर सकते हैं। पिछली पोस्टों को खोला तथा संपादित भी किया जा सकता है। एक फीचर Map Publishing जिसमें यह Live.com Maps ब्लॉग का प्रयोग करता है पर यह फीचर ज्यादा प्रयोग नहीं होती।

प्लगइन

माइक्रोसॉफ्ट ने WLW के लिए SDK (Application API) जारी किया है जिसके द्वारा डेवेलपर इसके लिए प्ल्गइन बनाकर इसमें नये फीचर्स जोड़ सकते हैं। यह फायरफॉक्स एक्स्टेम्शनों (जिन्हें संस्करण २.० से एड-ऑन कहा जा रहा है) जैसी ही सुविधा है जो कि फायरफॉक्स के लोकप्रिय होने का एक प्रमुख कारण था यही बात WLW के लिए भी कही जा सकती है। इस तरह का काम माइक्रोसॉफ्ट ने मेरे विचार से पहली बार किया है। 🙂

प्लगइन जमा कराने तथा डाउनलोड के लिए लाइव गैलरी है इसके अतिरिक्त कुछ अन-ऑफिशियल साइटों से भी इन्हें डाउनलोड किया जा सकता है।

फोटोपब्लिशिंग

अपने कम्प्यूटर अथवा वेब से फोटो पोस्ट में डाली जा सकती है, इसके अतिरिक्त फ्लिकर से फोटो डालने के लिए भी प्लगइन उपलब्ध हैं। यह फोटो को अपने आप रीसाइज कर लेता है तथा उसका थम्बनेल डाल देता है जिस पर क्लिक करने से मूल इमेज पर जाया जा सकता है। इसके अतितिक्त इमेज संबंधी बहुत विकल्प हैं जिनमें drop shadow, adjusting brightness, contrast, sharpen, emboss तथा अन्य इफेक्ट शामिल हैं। आप इमेजिस को FTP सर्वर पर भी अपलोड कर सकते हैं।

पॉडकास्टिंग

ऑडियो तथा वीडियो पोस्ट करने हेतु कुछ प्लगइन उपलब्ध हैं लेकिन चूंकि मैं वर्डप्रैस.कॉम प्रयोग करता हूँ जिसमें इन्हें केवल एक लाइन लिखकर पोस्ट किया जा सकता है अतः इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दे सकता।

कमियाँ

कमियाँ हर चीज में होती हैं तथा WLW इसका अपवाद नहीं है। जब भी आप एक नई पोस्ट अथवा ड्रॉफ्ट बनाना चाहते हैं एक नई विंडो खुल जाती है जो कि काफी खीझ भरा है। इसी तरह फाइल मीनू में Close Post जैसा विकल्प भी नहीं है।

अगर किसी पुरानी पोस्ट को संपादित करें तथा उसमें <!- -more- -> टैग हो जिसे कि “continue reading” संवाद के लिए प्रयोग किया जाता है तो यह केवल उपरोक्त टैग से पहले तक की ही पोस्ट दिखाएगा बाद की नहीं।

इसके अतिरिक्त भी इसमें कई कमियाँ हैं परंतु चूंकि यह अभी बीटा स्टेज में है इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि फाइनल संस्करण में इन्हें दूर कर लिया जाएगा। लेकिन अच्छी बात यह है कि आप WLW ग्रुप फोरम में इन के बारे में बता सकते हैं तथा WLW टीम इस बारें में सुनती है और आपके प्रश्नों का जवाब देती है।

उपसंहार

अगर तो आपको संक्षिप्त पोस्ट लिखनी हो जिसमें विशेष फॉर्मेटिंग की आवश्यकता न हो तो ब्लॉग-सेवा के वेब आधारित इंटरफेस का प्रयोग करें परंतु यदि आपको लंबी तथा सजा-संवार कर पोस्ट लिखनी हो तो WLW से अच्छा कुछ नहीं। मैं तो अब छोटी से छोटी पोस्ट भी इसमें लिखता हूँ। एक बार प्रयोग शुरु करने के बाद आपको भी इसकी आदत हो जाएगी जिसके बाद सीमित सुविधा वाले वेब-आधारित एडीटर में लिखने का मन ही नहीं करता। ‘फुरसतिया’ जी के लिए तो मैं इसे खास रिकमेन्ड करूँगा।

अब चिट्ठाकारी न करने का कोई बहाना नहीं चलेगा। smile_nerd

नोट: कल WLW की प्रैक्टिकल क्लास लगेगी। इस लिए सभी छात्र हाजिर रहें। ‘कविराज’ सुन रहे हैं न।

संबंधित कड़ियाँ

Writer Zone (WLW ब्लॉग)
विंडोज लाइव राइटर डाउनलोड
विंडोज लाइव राइटर फोरम ग्रुप
विंडोज लाइव गैलरी (WLW प्लगइन ऑफीशियल साइट)
wlwplugins.com (WLW प्लगइन अनऑफीशियल साइट)

This post is a STUB you can help expanding it by comments.

अपडेट: इस विषय पर परिचर्चा में एक पोल रखा है – आप कौन सा IME (फोनेटिक) प्रयोग करते हैं ? कृपया उसमें भाग लेकर वोट दें।

हिन्दी चिट्ठाजगत में नये आये किसी भी सदस्य की एक बड़ी उलझन होती है कि हिन्दी टाइप करने के लिए कौन सा टूल प्रयोग किया जाए। जिन्होंने किसी जमाने में हिन्दी टाइपिंग (रेमिंगटन टाइपराइटर वाली) सीखी हुई हो उन्हें न तो सोचना पड़ता है न हीं अलग से किसी टूल की जरुरत होती है पर जिसने कभी पहले हिन्दी न टाइप की हो वह काफी भ्रमित होता है। जब मैंने लिखना शुरु किया था तो दुनिया जहान के टूल आजमाने के बाद सही टूल का चुनाव कर पाया। वैसे तो नेट पर ‘हिन्दी कैसे लिखें’ टाइप काफी लेख उपलब्ध हैं जिनमें कई टूल्स का जिक्र है परंतु उनकी आपसी तुलना पर कोई लेख उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस पोस्ट को लिखने का विचार आया।

यहाँ मैं केवल Phonetic IME औजारों की ही चर्चा कर रहा हूँ। IME या इनपुट मैथड एडीटर का परिचय देने की मेरे विचार से कोई जरुरत नहीं फिर भी जो इस बारे में नहीं जानते यहाँ पढ़ें। वैसे तो आजकल ढेरों IME उपलब्ध हैं पर उनमें प्रमुख हैं: Baraha Direct/IME, HindiWriter तथा Indic IME. तख्ती, छाहरी, यूनीपैड, हग (ऑफलाइन वाला) तथा ITRANS आदि अब प्रचलन से बाहर (आउटडेटिड) हो चुके हैं।

Baraha: Baraha द्वारा विकसित किया गया है। इस सॉफ्टवेयर में दो टूल हैं: Baraha तथा Baraha Direct. Baraha एक वर्ड प्रोसेसर है तथा Baraha Direct एक Phonetic IME। इसके अतिरिक्त बारहा वालों ने अलग से भी BarahaIME नाम का टूल निकाला है जो कि Baraha Direct का ही Lite Version है ताकि सिर्फ IME टूल हेतु पूरा सॉफ्टवेयर न डाउनलोड करना पड़े। इनमें एकमात्र अन्तर यह है कि BarahaIME केवल Unicode फॉन्ट पर कार्य करता है तथा Baraha Direct, Unicode तथा ANSI दोनों पर। जब तक आपको कोई विशेष प्रयोजन न हो BarahaIME ही उपयुक्त तथा पर्याप्त है।

खूबियाँ (Pros):

  • आसान इंस्टालेशन तथा प्रयोग।
  • ट्रांस्लिटरेशन संबंधी विस्तृत सहायता उदाहरणों सहित। यह नये टाइपिस्टों के लिए विशेष उपयोगी है।
  • Indic IME की तुलना में आसान ट्रांस्लिटरेशन स्कीम।
  • हिन्दी तथा इंग्लिश भाषा में आसानी से Switching/Toggling। यह कार्य यहाँ उल्लिखित तीनों IME में सबसे फास्ट तथा स्मूथ है तथा केवल एक कुंजी के प्रयोग से किया जा सकता है। शार्टकट है- F11 या F12.*
  • इसमें संस्कृत का कीबोर्ड भी शामिल है जो कि संस्कृत भाषा के कई विशिष्ट शब्दों को शुद्ध लिखना संभव बनाता है। यह कीबोर्ड किसी अन्य IME में नहीं है।*
  • Baraha Direct द्वारा नॉन-यूनीकोड वाले प्रोग्रामों में भी आसानी से हिन्दी टाइप कर सकते हैं। उदाहरण: फोटोशॉप आदि ग्राफिक्स प्रोग्राम*
  • Baraha Direct द्वारा एक भाषा से दूसरी भाषा में लिप्यांतरण (Convert Indian language text from one script to another), फॉन्ट परिवर्तन (Unicode <–> ASNI) तथा टेक्स्ट की सॉर्टिंग (Sorting Indian language data).*

कमियाँ (Cons):

  • याहू ! मैसेंजर पर कार्य नहीं करता।*

यदि इसमें Word Lookup/Auto Text तथा On-the-Fly help भी शामिल कर दिए जाएं तो यह सर्वश्रेष्ठ टूल बन जाएगा।

Baraha विवरण, Baraha डाउनलोड (Baraha Direct सहित)
BarahaIME विवरण, BarahaIME डाउनलोड

HindiWriter: HindiWriter देवेंद्र परख जी द्वारा विकसित किया गया है। यह पहला IME टूल था जिसका इंस्टालेशन तथा प्रयोग अत्यंत आसान था। शुरुआत में, BarahaIME के आने से पहले यह सबसे आसान ट्रांस्लिटरेशन स्कीम वाला टूल था। उस समय यह मेरा फेवरिट टूल हुआ करता था।

खूबियाँ (Pros):

  • आसान इंस्टालेशन तथा प्रयोग।
  • Indic IME की तुलना में आसान ट्रांस्लिटरेशन स्कीम।
  • Word Lookup फीचर (संस्करण १.४ से जारी)। यद्यपि यह फीचर Indic IME में भी Auto Text के नाम से है पर उसमें नहीं के बराबर शब्द हैं।
  • माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (Office XP) तथा ओपन ऑफिस २.० के लिए हिन्दी वर्तनी जाँचक (HindiSpell Check)*

कमियाँ (Cons):

  • याहू ! मैसेंजर पर कार्य नहीं करता (यद्यपि उनकी साइट पर लिखा है कि करता है, इस बारे में उनसे बात करता हूँ)। *
  • हिन्दी तथा इंग्लिश कीबोर्ड स्विच करने में BarahaIME से अपेक्षाकृत अधिक समय लेता है। शार्टकट है- Shift+Pause.
  • BarahaIME की तुलना में सीमित सहायता।

HindiWriter होमपेज, HindiWriter डाउनलोड

Hindi Indic IME: इसका निर्माण माइक्रोसॉफ्ट ने भारतीय भाषाओं में कम्प्यूटिंग को बढ़ावा देने हेतु वेबदुनिया से करवाया था। यह अपने समय का एक अच्छा तथा काफी प्रचलित टूल था परंतु अब काफी हद तक आउटडेटिड हो चुका है पर अभी भी काफी लोग इसे प्रयोग कर रहे हैं। आजकल माइक्रोसॉफ्ट इसे नये अवतार में Microsoft Input Tool के नाम से बना रहा है जिसका बीटा संस्करण जारी किया जा चुका है।

खूबियाँ (Pros):

  • याहू ! मैसेंजर पर कार्य करता है।
  • नये टाइपिस्टों के लिए On-the-Fly help तथा Visual Keyboard उपयोगी हैं। पर एकाध हफ्ते बाद ही इसकी कोई आवश्यकता नहीं रह जाती।

इसमें आठ कीबोर्ड लेआउट दिए गए हैं लेकिन काम के केवल तीन ही हैं: Hindi Transliteration, Hindi Remington तथा Hindi Inscript. अब जहाँ तक मैं जानता हूँ Remington टाइपिंग जानने वालों को अलग से किसी टूल की आवश्यकता नहीं तथा Inscript कीबोर्ड Windows XP में इनबिल्ट होता है। अतः ये आठ कीबोर्ड कोई विशेष उपयोगी नहीं।

कमियाँ (Cons):

  • मुश्किल, लंबी तथा थकाऊ इंस्टालेशन प्रक्रिया।
  • हिन्दी तथा इंग्लिश कीबोर्ड स्विच करने में सर्वाधिक समय लेता है। शार्टकट है- Alt+Shift.*

दो अन्य कमियाँ भी कहीं पढ़ी थी कि ये Text Area तथा Internet Explorer में काम नहीं करता पर ये बात ठीक नहीं निकली।

माइक्रोसॉफ्ट भाषाइंडिया पर विवरण, Hindi Indic IME डाउनलोड

उपसंहार: यह तो तय है कि Hindi Indic IME इस दौड़ में पिछड़ गया है तथा यह अब अपडेट भी नहीं किया जा रहा। इसकी एकमात्र काम की खूबी इसका याहू ! मैसेंजर में कार्य करना है यद्यपि उसके लिए भी अन्य विकल्प हैं जिसके बारे में अलग पोस्ट में लिखूँगा। फिलहाल BarahaIME तथा HindiWriter में तगड़ा कम्पटीशन चल रहा है तथा दोनों एक से बढ़कर एक हैं। पर मेरे विचार से फीचर्स के मामले में Baraha Direct/IME फिलहाल भारी पड़ता है।

अगला काम यह पता करना है कि BarahaIME तथा HindiWriter में से टाइपिंग के दौरान किसमें कम कुंजियाँ (Less Keystrokes) दबानी पड़ती हैं खासकर मिश्रित अक्षरों (Complex Letters) यथा ‘ज्ञ’, ‘श्र’, ‘क्ष’ तथा ‘ॠ’ आदि टाइप करने में।

* खास खूबी
* खास कमी

वह जमाना लद गया जब फोनेटिक टाइपिंग टूल गिने-चुने थे। अब तो ढेरों उपल्ब्ध हैं तथा नित नये-नये सामने आ रहे हैं। ऐसे में अपने बिल्लू भैया भला क्यों पीछे रहने लगे। वैसे तो माइक्रोसॉफ्ट ने पहले भी Indic IME वेबदुनिया वालों से बनवाया था पर अब वह खुद एक IME टूल ‘Microsoft Phonetic Input Tool’ के नाम से विकसित कर रहा है। मैंने डाउनलोड तथा इंस्टाल किया। कुछ विशेष नहीं है सिवाय Wordlookup के यानि आप जो टाइप करते हैं यह मिलते-जुलते शब्द दिखाता है तथा उन पर क्लिक करने से अथवा संगत अंको की कुँजी दबाने पर वह टाइप हो जाते हैं। यह सुविधा पहले सिर्फ Indic IME में थी लेकिन अब यह HindiWriter के नये संस्करण 1.4 में भी उपलब्ध है।

यह टूल भाषाइंडिया की साइट पर उपलब्ध है। जब आप इस टूल को डाउनलोड करने के लिए जाएंगे तो पहले तो आपसे कोई १०-१५ पेज क्लिक करवायेगा। फिर ईमेल से डाउनलोड लिंक भेजेगा। उस लिंक पर जाने पर आपसे लाइव अकाउंट पर साइन करने को कहा जाएगा। भगवान जाने इतना लंबा चक्कर क्यों डाला है ‘बीटा’ डाउनलोड तो दूसरे सॉफ्टवेयरों के भी होते हैं वे तो इतना बरान नहीं करते।

इस सब आफत से बचने के लिए मैंने इसे Files-Upload.COM पर अपलोड कर दिया है। आप इसे वहाँ से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट भाषाइंडिया पर विवरण
Files-Upload.COM से डायरेक्ट डाउनलोड

आप जानते होंगे कि बिल्लू भैया और उनकी मंडली ने विंडोज एक्स पी का हिन्दी संस्करण विंडोज एक्स पी स्टार्टर एडीशन नाम से निकाला है। परंतु विंडोज एक्स पी के लिए भी हिन्दी Language Interface Pack (LIP) उपलब्ध है। इसे इंस्टाल करने के बाद टूलबार, मीनू, स्टार्ट बटन, लॉगऑन स्क्रीन आदि सभी हिन्दी टेक्स्ट में प्रदर्शित होते हैं। यद्यपि शुरु में इसे इस्तेमाल करने में थोड़ी कठिनाई आती है परंतु इस देशी संस्करण का अनुभव मजेदार है।

Windows XP Professional या Windows XP Home Edition के लिए हिंदी इंटरफ़ेस पैक कई Windows XP User Interface को एक हिंदी यूज़र इंटरफ़ेस प्रदान करता है|

इसमें एक ही कमी है कि आप आसानी से हिन्दी और इंग्लिश इंटरफेस अदला-बदली नहीं कर सकते। डिफाल्ट इंग्लिश इंटरफेस प्रयोग करने के लिए आपको इसे ‘Add Remove Programs’ में से अनइंस्टाल करना पड़ेगा। और तो और एक बार इंस्टाल कर लेने पर हिन्दी इंटरफेस सभी यूजर अकाउंटस पर प्रभावी होगा तथा अलग-अलग यूजर अकाउंट के लिए अलग-अलग इंटरफेस का प्रयोग नहीं कर सकते।

मैंने दोंनो भाषाओं के इंटरफेस बदलने का कोई आसान तरीका ढूँढने की बहुत कोशिश की जिसका उल्लेख बाद में करुँगा, परंतु सफल नहीं हुआ।

स्क्रीनशॉटस:

Hindi-LIP_Logon ScreenHindi-LIP_Logging OnHindi-LIP_desktopHindi-LIP_Start MenuHindi-LIP_My ComputerHindi-LIP_Control Panel

विवरण तथा डाउनलोड:

Installing The Windows XP Hindi Language Interface Pack

डाउनलोड विवरण: Windows® XP हिंदी Interface Pack (WGA जाँच की आवश्यकता है)

डाउनलोड विवरण: Windows® XP हिंदी Interface Pack (WGA जाँच बाईपास की गई)

डायरेक्ट डाऊनलोड लिंक (यानि पतली गली से निकल लो)

डाउनलोड का आकार: 6.5 MB