भाईयो आजकल चुनाव का माहौल सै, इसै खातर ल्यो सुणो एक चुनावी मखौल।

जंगल म्ह राजा का चुनाव होया अर उसमैं बांदर जीत ग्या। बांदर का राजा बणना शेर तै बर्दाश्त कोनी होया। इस छोंह म्ह वो बकरी के बच्चे नै ठा लेग्या। बकरी बांदर धौरे आई अर रोंदी-रोंदी बोल्ली – राजा साब शेरे मेरे बच्चे नै ठा के लेग्‍या थाम उसती बचा ल्यो। बांदर एक पेड़ तै दूसरे पेड़ पै छाल मारण लाग्या। बकरी बोल्ली – जी थाम तोले से जाओ इतणे म्ह तो वो शेरे मेरे बच्चे नै खा जावैगा। बांदर बोल्या – न्यूं खावैगा तो खावैएगा मेरी भागदौड़ मैं कमी हो तो बताsmile_angel

आज तै पढण आलां की सुविधा खातर कुछ ठेठ शबदां के अर्थ देण लाग रया सूं, होर बी कोई शबद समझ ना आवै तो पूछ लियो जी।

  • छोंह – गुस्सा, तैश
  • छाल – छलांग
  • तोले से – जल्दी से
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रलदू चोर नै चोरी करके बहोत रपिये कमा लिये थे। एक दिन घुग्घू थाणेदार नै उसका चोरी करण का बेरा लाग्या अर वो रलदू पै नजर राखण लाग्या। एक दिन रलदू साइकिल पै एक बोरी धरै जावै था। घुग्घू थाणेदार नै उसती रोक्या अर बोल्या – बोरी खोल। रल्दू बोल्या – जी बोरी खुलवा कै के करोगे इसमैं तो माटी सै। घुग्घू नै फेर भी बोरी खुलवाई तो उसमैं माटी ए लिकड़ी। आगले दिन बी इस तरियां होया, अर उसतै आगले दिन बी। घुग्घू थाणेदार रलदू तै बोल्या अक मैं तन्नै गारंटी द्यूं सूं के तूं चोरी करै सै। तूं नू बता दे अक तूं चोरी के करया करै सै तो मैं तन्नै किम्मे कोनी कहूं। रलदू बोल्या – जी मैं तो साइकिल चोरी करया करुं सूं

एक बर एक शेर की बरात म्ह एक मुस्सा दारु पीके नाचण लागरैया था। उसती देख के शेर ने बहोत गुस्सा आया अर वो अपणे यारां ती बोल्या अक इस मूस्सै नै बरात तै बाहर काढ्डो। शेर के दोस्तां नै उसती बाहर काडण की घणी कोशिश करी फेर भी मूस्सा मान्या कोनी अर नाचदा रह्या। आखिर मैं छोंह म्ह आकै शेर गाड़ी तै नीचै उतरके आया अर बोल्या – रै मूस्से तूं शेर की बरात म्ह क्यूं नाचण लागरैया सै। मूस्सा शेर कानी देख कै बोल्या – भाई गुस्सा ना करै ब्याह तै पहल्यां मैं बी शेर था

घुग्घू सामान्य ज्ञान मैं किम्मे घणाए कमजोर था। एक दिन वो इंटरव्यू देण जावै था। राह मैं उसती रलदू मिल ग्या। वो बोल्या – घुग्घू किम्मे परेशान दिक्खै सै। घुग्घू बोल्या – हां भाई इंटरव्यू देण जाण लाग रह्या सूं ज्यांतै परेशान सूं। रलदू बोल्या – इसमैं परेशान होण की के बात सै। इंटरव्यू आला किम्मे बी पूच्छै तो चुप ना बैठिये किम्मे नै किम्मे जवाब जरूर दिए। इंटरव्यू मैं घुग्घू तै अफसर बोल्या – आपणे देश म्ह कपड़ा कड़ै बणै सै। घुग्घू सोच-साच के बोल्या – जी कारखान्यां म्ह

रलदू नै चोरी करण की कसूती आदत थी। एक दिन वो चोरी करदा पकड़या ग्या। थाणेदार सिपाही से बोल्या – इसकै सौ जूत मार आप्पे सीधा हो जेगा। सिपाही उसती हवालात म्ह जूत मारण खातर लेग्या तो रलदू उसती सौ का नोट दिखाकै बोल्या – किम्मे हो नी सकदा। सिपाही सौ का नोट गोज म्ह घाल कै बोल्या – मैं कांध कै जूत मारूँगा अर तूँ किलकी मारै जाइये। रलदू नै एक सौ का नोट और जेब तै काढ्या अर बोल्या – लै किलकी बी तूँ ए मार दिए मन्नै जाण दे

नत्थू नै आंख्यां तै कम दिख्या करदा। एक दिन वो शहर म्ह तै तीन चश्मे बणवा के लियाआ। उसका छोरा बोल्या – बाबू इतणे चश्में क्यांतै बणवा के ल्याआ सै। नत्थू बोल्या – एक तो दूर की चीज देखण का सै अर एक धौरे की चीज देखण का सै। उसका छोरा पूछण लाग्या – अर यो तीसरा। नत्थू बोल्या – यो नूं देखण का सै अक कोणसा चश्मा दूर का सै, अर कोणसा चश्मा नजदीक का सै

घुग्घू बस स्टैंड पै एक छोरी तै बार-बार टैम पूच्छण लागरैया था। वा छोरी इस बात तै कसूती तंग होरी थी। घुग्घू उसतै एक बर फेर पूछण लाग्या, के टेम हो रह्या सै? वा छोरी छोह म्ह आकै बोल्ली, तेरे मार खाण मैं दो मिनट रह रै सैं।